रुड़की की सोनम से पूछताछ में संदिग्ध ट्रांजेक्शन नेटवर्क का खुलासा, जांच एजेंसियां अलर्ट
हरिद्वार के कलियर क्षेत्र की सोनम से पूछताछ में संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, लेनदेन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।
हरिद्वार। रुड़की के कलियर क्षेत्र से जुड़ी सोनम नाम की महिला से पूछताछ में संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई हैं। मामला पाकिस्तान लिंक वाले संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सोनम पिछले करीब एक साल से कमीशन के आधार पर काम कर रही थी। आरोप है कि वह अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से बड़ी रकम के लेनदेन में शामिल थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसकी पहचान जम्मू-कश्मीर के उमर नाम के युवक से हुई थी, जिसके बाद वह धीरे-धीरे इस नेटवर्क से जुड़ती चली गई।
पुलिस के अनुसार शुरुआती संपर्क व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से हुआ था। बाद में सोनम की बातचीत अन्य लोगों से भी कराई गई। बताया जा रहा है कि सोनम इन लोगों से कभी आमने-सामने नहीं मिली और अधिकांश संपर्क ऑनलाइन माध्यम से ही होता था।
जांच में करीब 15 बैंक खातों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। आरोप है कि जैसे ही किसी खाते में रकम आती थी, सोनम को फोन या मैसेज के जरिए सूचना दी जाती थी। इसके बाद वह बैंक जाकर नकदी निकालती और निर्देश के अनुसार दूसरे खातों में जमा कर देती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों से कितनी रकम का लेनदेन हुआ और पैसा किन स्रोतों से आ रहा था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि सोनम ने अपने निजी बैंक खाते का इस्तेमाल नहीं किया। उसे कथित तौर पर निर्देश दिए गए थे कि वह अपने खाते से कोई लेनदेन न करे। बताया जा रहा है कि जिन खातों का उपयोग हो रहा था, उनमें से कुछ खाते बंद भी हो चुके हैं।
मामले में राहुल खान नाम के एक व्यक्ति के मोबाइल से भी अहम सुराग मिलने की बात सामने आई है। मोबाइल जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने हरिद्वार पुलिस की मदद से कार्रवाई की। अब एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और पैसों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
