छात्रों को तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग की नई पहल
उत्तराखंड में छात्रों को तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड और प्राविधिक शिक्षा विभाग के साथ एमओयू साइन किया। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि इससे सरकारी स्कूलों का शैक्षिक ढांचा मजबूत होगा और युवाओं को बेहतर करियर अवसर मिलेंगे।
देहरादून, 30 मई 2026।
उत्तराखंड में विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीकी और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। शिक्षा विभाग ने इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, काशीपुर और प्राविधिक शिक्षा विभाग, उत्तराखंड के साथ एमओयू साइन किया है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करना और छात्रों को स्कूली स्तर से ही कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना है।
एससीईआरटी सभागार, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में इन समझौतों को अंतिम रूप दिया गया। इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को केवल डिग्री या प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि विद्यार्थियों को तकनीक, कौशल और रोजगार से जोड़कर भविष्य के लिए तैयार करना चाहती है।

प्राविधिक शिक्षा विभाग के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों और इंटर कॉलेजों को नजदीकी राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों में तकनीकी शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और उन्हें आगे की पढ़ाई व करियर के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। कक्षा 10 पास विद्यार्थी डिप्लोमा प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे, जबकि भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ कक्षा 12 पास छात्र लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा द्वितीय वर्ष में प्रवेश पा सकेंगे।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह कदम प्रदेश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने, पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्र संख्या बढ़ाने और युवाओं को रोजगारपरक पाठ्यक्रमों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के साथ हुए समझौते के अंतर्गत कंपनी अपनी सीएसआर निधि के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास में सहयोग करेगी। इसके तहत स्कूलों में डिजिटल और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही शिक्षकों के क्षमता विकास, सुरक्षित और बाल-अनुकूल वातावरण तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
डॉ. रावत ने कहा कि सरकार सरकारी विद्यालयों को केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार, कौशल विकास और शैक्षिक उत्कृष्टता के मजबूत मॉडल के रूप में विकसित करना चाहती है। इन समझौतों से प्रदेश की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर व प्रतिस्पर्धी बनने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, निदेशक प्राविधिक शिक्षा देशराज, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, सचिव यूबीटीआर डॉ. मुकेश पाण्डेय, प्रभारी निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, संयुक्त निदेशक आलोक मिश्रा और इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड के प्रमुख प्रशासन राजेश कुमार सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
