खांसी गांव में एएनएम तैनाती की मांग तेज, गर्भवती महिलाओं को 12 किमी दूर जाना पड़ रहा CHC
उत्तरकाशी के खांसी गांव में ग्रामीणों ने गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए एएनएम तैनात करने की मांग की है। गांव सीएचसी से 12 किमी दूर है और बरसात में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना और मुश्किल हो जाता है।
उत्तरकाशी जिले के खांसी गांव में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने एएनएम की तैनाती की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में एएनएम स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति होने से गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच, टीकाकरण और जरूरी स्वास्थ्य परामर्श स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
खांसी गांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित जांच और टीकाकरण के लिए अस्पताल तक जाना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
ग्राम प्रधान सूर्यपाल रावत ने क्षेत्रीय विधायक को पत्र भेजकर गांव में एएनएम की तैनाती की मांग की है। उन्होंने बताया कि गांव की आबादी करीब 600 है और वर्तमान में गांव की सात गर्भवती महिलाओं का प्रसव वर्षाकाल के दौरान संभावित है। ऐसे में बारिश के मौसम में सड़क खराब होने से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना और मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान कई बार गांव तक वाहन नहीं पहुंच पाते। ऐसी स्थिति में सामान्य उपचार के लिए भी लोगों को मोल्डा गांव होते हुए सीएचसी तक पहुंचने के लिए लगभग 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से जल्द व्यवस्था बनाने की मांग की है।
मामले का संज्ञान लेते हुए विधायक दुर्गेश्वर लाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रोहित भंडारी ने बताया कि दूरी के निर्धारित मानकों के अनुसार खांसी गांव अस्पताल के कार्यक्षेत्र में आता है और गर्भवती महिलाएं अस्पताल पहुंचकर टीकाकरण व स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने कहा कि गांव में अलग से एएनएम की नियुक्ति शासन स्तर का विषय है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरकार जल्द खांसी गांव में एएनएम की तैनाती पर निर्णय लेगी।
