मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ जारी है और धामों में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा के बढ़ते दबाव और मौसम की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों, पड़ावों और धामों पर भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो, वहां चरणबद्ध तरीके से यात्रियों को आगे भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्थान पर अव्यवस्था की स्थिति न बने।
बैठक के दौरान यात्रा से जुड़े सभी विभागों के अधिकारियों से वर्तमान व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं है। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि यात्रियों को सुरक्षित माहौल में दर्शन कराए जाएं और उन्हें रास्ते में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
चारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या देखने को मिल रही है। अकेले केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या दस लाख के पार पहुंच गई है। वहीं चारों धामों में अब तक 26 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। इससे स्पष्ट है कि यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है।
यात्रा कंट्रोल रूम रुद्रप्रयाग से मिली जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए। धाम में महिलाओं सहित हजारों श्रद्धालु पहुंचे और दर्शन कर आस्था व्यक्त की। शनिवार शाम तक केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 10 लाख से अधिक दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों से कहा कि यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, साफ-सफाई, ठहरने की व्यवस्था और आपदा प्रबंधन से जुड़े इंतजामों पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि धामों में आने वाले श्रद्धालुओं को सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की भ्रम या असुविधा की स्थिति न बने।
सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि यात्रा कंट्रोल रूम, पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि राज्य की व्यवस्था और सेवा भावना से भी जुड़ी हुई है। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा कर सके और सुगम दर्शन का अनुभव लेकर वापस लौटे। इसके लिए यात्रा मार्गों और धामों में व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यात्रा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
