खेत बचाओ अभियान को जनभागीदारी से सफल बनाने पर जोर, कृषि मंत्री गणेश जोशी ने की विभागीय समीक्षा
देहरादून, 03 जून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाया जाए।

कृषि मंत्री ने 1 जून से 30 जून तक चल रहे देशव्यापी खेत बचाओ अभियान को उत्तराखंड में प्रभावी ढंग से संचालित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल विभागीय कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए सांसदों, मंत्रियों, विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती, संतुलित खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान में अधिकतम किसानों को जोड़ा जाए, ताकि इसका व्यापक असर दिखाई दे।
बैठक में एप्पल मिशन को लेकर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने किसानों को मिलने वाली राजसहायता का भुगतान जल्द कराने के निर्देश दिए। साथ ही सेब पैकिंग बॉक्स की उपलब्धता और अन्य तैयारियों को समय पर पूरा करने को कहा, ताकि बागवानों को सीजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

पॉलीहाउस निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में चल रहे निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि घेरबाड़ योजना के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित ₹90 करोड़ की राशि में से पहली किस्त के रूप में ₹25 करोड़ उत्तराखंड को मिल चुके हैं।
इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि प्राप्त बजट का पूरा उपयोग किया जाए और ज्यादा से ज्यादा किसानों को योजना का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं की निगरानी नियमित रूप से की जाए और कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में सचिव कृषि एस.एन. पांडेय, कृषि एवं उद्यान महानिदेशक वंदना सिंह, निदेशक कृषि दिनेश कुमार, निदेशक उद्यान आर.के. सिंह, निदेशक कैप नृपेंद्र चौहान सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
