अल्मोड़ा: आईएमपीसीएल के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन, पुतला दहन
अल्मोड़ा जिले के सल्ट ब्लॉक के मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्यूटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी आईएमपीसीएल दवा फैक्टरी के निजीकरण के विरोध में आंदोलन लगातार जारी है। मंगलवार को आंदोलन के नौवें दिन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए स्काईमैप फार्मा के मालिक संजय गुप्ता का पुतला दहन किया। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि वे किसी भी स्थिति में फैक्टरी के निजीकरण और बंदी को स्वीकार नहीं करेंगे।
धरना स्थल पर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष जयपाल सिंह रावत ने कहा कि आईएमपीसीएल केवल एक दवा फैक्टरी नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और सैकड़ों परिवारों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि फैक्टरी के कारण बड़ी संख्या में परिवारों को रोजगार और आर्थिक सहारा मिला हुआ है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि फैक्टरी को लीज पर मिली करीब 46 एकड़ भूमि पर निजी हितों की नजर है। उनका कहना है कि निजीकरण के पीछे फैक्टरी की भूमि को लेकर व्यावसायिक रुचि हो सकती है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फैक्टरी की भूमि पर भविष्य में होटल और रिसॉर्ट जैसे प्रोजेक्ट विकसित करने की मंशा हो सकती है, जिसके कारण दवा फैक्टरी को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक निजीकरण की प्रक्रिया वापस नहीं ली जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आईएमपीसीएल क्षेत्र की पहचान और रोजगार का बड़ा स्रोत है, इसलिए इसे बचाना बेहद जरूरी है।
