चम्पावत में मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग की कार्रवाई, चार दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे
चम्पावत में जनस्वास्थ्य और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर औषधि विभाग ने मेडिकल स्टोरों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर औषधि निरीक्षक हर्षिता के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय के आसपास स्थित मेडिकल स्टोरों और औषधि प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान कुल छह खुदरा और थोक औषधि प्रतिष्ठानों का सत्यापन किया गया। टीम ने दुकानों में दवाओं के भंडारण, लाइसेंस, स्टॉक प्रबंधन, रेफ्रिजरेटर में तापमान व्यवस्था, बिक्री रजिस्टर और रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की मौजूदगी जैसी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
अधिकारियों ने मेडिकल स्टोरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और रिकॉर्डिंग व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाओं की खरीद-बिक्री पारदर्शी तरीके से हो और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जा सके।
जांच के दौरान चार अलग-अलग दवाओं के नमूने लिए गए, जिन्हें परीक्षण के लिए राजकीय औषधि विश्लेषणशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औषधि निरीक्षक हर्षिता ने मेडिकल स्टोर संचालकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक दवा की बिक्री पर अनिवार्य रूप से बिल या कैश मेमो जारी किया जाए और सभी अभिलेख अपडेट रखे जाएं। उन्होंने कहा कि दवाओं की बिक्री और भंडारण से जुड़े नियमों का पालन करना हर लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान की जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि नशीली, मनःप्रभावी और एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के न की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री या लाइसेंस शर्तों के उल्लंघन पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। अभियान में औषधि विभाग के सहायक दिनेश फर्त्याल भी मौजूद रहे। प्रशासन ने कहा कि जनपद में दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।
