उत्तराखंड में कृषि संरक्षण पर जोर, किसानों के लिए विशेष अभियान की तैयारी
देहरादून, 24 जून। उत्तराखंड में कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और खेती योग्य भूमि के संरक्षण के उद्देश्य से राज्य सरकार और भारतीय किसान उर्वरक सहकारी संस्था (इफको) के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई है। इस दौरान किसानों को जागरूक करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की रूपरेखा पर विचार किया गया।

नई दिल्ली में आयोजित बैठक में प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण, जैविक कृषि और आधुनिक कृषि तकनीकों के विस्तार जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहे। किसानों को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ने और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया।
सहकारिता विभाग का मानना है कि खेती की घटती जमीन और बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए कृषि संरक्षण के लिए व्यापक जनजागरूकता आवश्यक है। इसी दिशा में किसानों के लिए प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
बैठक में यह भी सहमति बनी कि किसानों को नई तकनीकों और उन्नत कृषि संसाधनों तक पहुंच दिलाने के लिए संस्थागत सहयोग बढ़ाया जाएगा। इफको की ओर से राज्य में बड़े किसान सम्मेलन आयोजित करने की संभावना भी जताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित अभियान प्रभावी रूप से लागू हुआ तो इससे कृषि भूमि संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और किसानों की आय में वृद्धि जैसे सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं।
