राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर संगोष्ठी, सटीक आंकड़ों की उपयोगिता पर हुआ मंथन
चमोली, 30 जून। 20वें राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय में विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय सांख्यिकी के जनक प्रो. पी.सी. महालनोबिस को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को याद किया गया।
संगोष्ठी के दौरान प्रशासनिक आंकड़ों के वैज्ञानिक विश्लेषण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा नीति निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी ने प्रो. महालनोबिस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भारतीय सांख्यिकीय व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रो. महालनोबिस के योगदान से अवगत कराया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य और देश के विकास के लिए विश्वसनीय एवं सटीक आंकड़े अत्यंत आवश्यक होते हैं। इन्हीं के आधार पर प्रभावी योजनाएं तैयार की जाती हैं और जनकल्याणकारी नीतियों का निर्माण संभव हो पाता है।
इस वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की थीम “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” रखी गई है। इसी विषय पर आयोजित संगोष्ठी में आंकड़ों के बेहतर संकलन, विश्लेषण तथा उनके प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन को और मजबूत बनाने पर विचार साझा किए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
