मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय रेल मंत्री के सामने रखे कई अहम प्रस्ताव

0
image393

उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी विस्तार को मिलेगी रफ्तार,

मुंबई-देहरादून वंदे भारत, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना, स्टेशन आधुनिकीकरण और नई रेल लाइनों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 10जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के विस्तार, नई रेल सेवाओं के संचालन तथा लंबित रेल परियोजनाओं में तेजी लाने को लेकर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, धार्मिक एवं पर्यटन महत्व तथा बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव केंद्रीय रेल मंत्री के समक्ष रखे। इस पर केंद्रीय रेल मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन राज्य है, जहां चारधाम यात्रा, हरिद्वार, ऋषिकेश, बाबा नीम करौली धाम (कैंची धाम), जागेश्वर धाम सहित अनेक आस्था केंद्रों पर हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। आगामी कुंभ-2027 को देखते हुए राज्य में आधुनिक और मजबूत रेल नेटवर्क का विस्तार बेहद आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र, विशेषकर मुंबई में बड़ी संख्या में उत्तराखंड मूल के लोग रहते हैं, जिनका अपने गृह राज्य से नियमित आवागमन बना रहता है। इसके अलावा धार्मिक और पर्यटन सीजन में भी यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए उन्होंने मुंबई-देहरादून वंदे भारत अथवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस शुरू करने, मुंबई-हरिद्वार और मुंबई-रामनगर रेल सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने का अनुरोध किया। साथ ही देहरादून-कोटा रेल सेवा को सूरत, वडोदरा और मुंबई तक विस्तारित करने तथा हरिद्वार-मुंबई एवं रामनगर-मुंबई रेल सेवाओं को नियमित अथवा सप्ताह में कम से कम तीन दिन संचालित करने का भी प्रस्ताव रखा।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को बंद कर उसकी भूमि राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का अनुरोध भी किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (UIIDB) और रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के सहयोग से प्रस्तावित ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और एसेट मॉनेटाइजेशन परियोजना पर कार्य चल रहा है। इसके लिए रेल मंत्रालय से आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने किच्छा-सितारगंज-खटीमा नई रेल लाइन परियोजना की पूरी लागत केंद्र सरकार द्वारा वहन करने, स्थानीय किसानों की चिंताओं का समाधान करने तथा ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत जल्द रेल संचालन शुरू करने का अनुरोध भी किया।

मुख्यमंत्री ने टनकपुर से संचालित त्रिवेणी एक्सप्रेस, मथुरा एक्सप्रेस और दौराई एक्सप्रेस का बनबसा रेलवे स्टेशन पर अल्पकालिक ठहराव सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि बनबसा भारत-नेपाल सीमा से सटा सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है तथा यहां भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट की यूनिट भी स्थित है। केंद्रीय रेल मंत्री ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण के तहत रायवाला से देहरादून तक लंबित कार्य शीघ्र पूरा करने तथा हरिद्वार, हर्रावाला, देहरादून, खटीमा, लक्सर, रुड़की, टनकपुर और बनबसा रेलवे स्टेशनों के सौंदर्यीकरण एवं विस्तार का अनुरोध किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर भी सहमति जताई।

मुख्यमंत्री ने खटीमा-मझोला पीलीभीत रेलवे फाटक संख्या-18C को जनहित में दोबारा खोलने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि फाटक बंद होने से स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और पर्यटकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही क्षेत्र में विकसित क्रोकोडाइल पार्क आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए भी फाटक का संचालन जरूरी है। इस प्रस्ताव पर भी केंद्रीय रेल मंत्री ने सकारात्मक सहमति प्रदान की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!