आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में डीएम मनीष कुमार ने हितधारकों से मांगे सुझाव
अमीषा भट्ट
जनसहभागिता से तय होगा चम्पावत महायोजना-2041 का अंतिम स्वरूपचम्पावत, 22 जुलाई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत’ की परिकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में जिला प्रशासन ने महायोजना-2041 के प्रारूप पर जनसहभागिता की प्रक्रिया तेज कर दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में मास्टर प्लान-2041 के ड्राफ्ट पर विस्तृत विचार-विमर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, विभिन्न हितधारकों और स्थानीय नागरिकों से महायोजना के विभिन्न पहलुओं पर सुझाव लिए गए।
बैठक में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के निर्धारण, ग्रामीण क्षेत्रों की कृषि भूमि से जुड़े विषयों तथा प्रस्तावित विकास कार्यों के संभावित प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्थानीय नागरिकों ने महायोजना को लेकर अपनी शंकाएं और सुझाव जिलाधिकारी के समक्ष रखे। जिलाधिकारी ने सभी बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए नागरिकों की शंकाओं का समाधान किया।‘मास्टर प्लान अंतिम योजना नहीं, सुझावों के बाद होगा अंतिम स्वरूप’जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान-2041 अभी केवल एक प्रारूप है, इसे अंतिम योजना नहीं माना जाना चाहिए। स्थानीय आवश्यकताओं, जनभावनाओं और नागरिकों के सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि गांवों के लोगों और स्थानीय नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर व्यवहारिक कठिनाइयों का समाधान करते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे महायोजना से जुड़े अपने सुझाव लिखित रूप में जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें प्रस्तावित योजना में शामिल करने पर विचार किया जा सके।सड़क, पार्किंग, सीवर और पर्यटन विकास को मिलेगी
प्राथमिकताजिलाधिकारी ने कहा कि महायोजना-2041 के माध्यम से चम्पावत में सड़कों, पार्कों, उद्यानों, विद्यालयों, पार्किंग, सीवर व्यवस्था और अन्य मूलभूत शहरी सुविधाओं का सुनियोजित विकास किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटन स्थलों के विकास, पर्यावरण एवं नदियों के संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी महायोजना में प्राथमिकता दी जाएगी।उन्होंने कहा कि महायोजना को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर करने के लिए लगातार संवाद किया जा रहा है। नागरिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
जनभावनाओं और जनहित के अनुरूप ही प्रत्येक निर्णय लिया जाएगा।सुझावों के आधार पर होगा आवश्यक संशोधनचीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान दस्तावेज महायोजना का प्रारूप है। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक संशोधन किए जाएंगे और इसके बाद इसे अंतिम स्वरूप प्रदान किया जाएगा।सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट अनुभव चटर्जी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से मास्टर प्लान-2041 के विभिन्न प्रावधानों, प्रस्तावित विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पाण्डेय, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, शंकर दत्त पाण्डेय, लडवाल फाउंडेशन के चेयरमैन नरेंद्र सिंह लडवाल, व्यापार संघ अध्यक्ष विकास शाह, सभासद सनी वर्मा, मनीष महर, अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, परियोजना निदेशक अजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
