डॉ. अनीता चमोला के नेतृत्व में ‘सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित भविष्य’ अभियान तेज, सेंट कबीर अकादमी की स्कूल बसों का सुरक्षा ऑडिट
अमीषा भट्ट
सुरक्षित स्कूल, सुरक्षित भविष्य’ अभियान को मिली नई गति
सेंट कबीर अकादमी में स्कूल बसों का व्यापक तकनीकी एवं सुरक्षा निरीक्षण
विद्यार्थियों की सुरक्षा, चालक की जिम्मेदारी और जागरूकता पर विशेष जोर देहरादून, 31 जुलाई 2026।
जनपद देहरादून के विद्यालयों में संचालित छात्र परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, अनुशासित एवं मानक अनुरूप बनाने के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज सेंट कबीर अकादमी, देहरादून* में विद्यालय प्रशासन एवं परिवहन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विद्यालय में संचालित स्कूल बसों एवं वैनों का व्यापक तकनीकी एवं सुरक्षा निरीक्षण किया गया। विद्यालय की ओर से *प्रधानाचार्य श्री जतिन सेठी, प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री विनय कुमार गोयल एवं मेंटेनेंस सुपरवाइजर श्री सुवोध थपलियाल* निरीक्षण के दौरान उपस्थित रहे। विद्यालय में संचालित *20 स्कूल बसों एवं 3 स्कूल वैनों* का निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण किया गया।
तकनीकी परीक्षण के माध्यम से परखी गई स्कूल बसों की सुरक्षा एवं फिटनेस*निरीक्षण के दौरान *श्री प्रवीण सिंह रौथाण* द्वारा सभी स्कूल बसों एवं वैनों का विस्तृत तकनीकी परीक्षण किया गया। इस दौरान निम्नलिखित सुरक्षा एवं तकनीकी मानकों का गहन परीक्षण किया गया—• ब्रेकिंग सिस्टम एवं स्टीयरिंग की कार्यक्षमता।• टायरों की गुणवत्ता एवं स्थिति।• हेडलाइट, इंडिकेटर, ब्रेक लाइट एवं रिफ्लेक्टर।• स्पीड गवर्नर की कार्यशीलता।• अग्निशमन यंत्र एवं उसकी वैधता।• फर्स्ट एड बॉक्स एवं आवश्यक चिकित्सा सामग्री।• सीसीटीवी कैमरा एवं अन्य सुरक्षा उपकरण।• *जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम (जहाँ लागू हो) की कार्यशीलता।*• पैनिक बटन एवं फायर अलार्म सुरक्षा प्रणाली की कार्यशीलता।• इमरजेंसी एग्जिट एवं आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था।
फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट एवं पंजीकरण अभिलेख।• विद्यालय का नाम, आपातकालीन संपर्क विवरण एवं अन्य अनिवार्य सुरक्षा चिन्ह।
चालक के ड्राइविंग लाइसेंस एवं आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन।
विद्यार्थियों के सुरक्षित आवागमन हेतु निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का अनुपालन।निरीक्षण उपरांत विद्यालय प्रबंधन एवं वाहन चालकों को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक वाहन का नियमित अनुरक्षण, दैनिक प्री-ट्रिप निरीक्षण तथा सभी सुरक्षा उपकरणों को सदैव कार्यशील स्थिति में रखा जाए, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की सुरक्षित एवं निर्बाध यात्रा सुनिश्चित हो सके।
विद्यार्थियों को दी जाएगी सुरक्षा प्रणालियों की व्यवहारिक जानकारी*डॉ. अनीता चमोला ने विद्यालय प्रशासन से कहा कि केवल सुरक्षा उपकरण स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी को *पैनिक बटन, फायर अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स तथा अन्य सुरक्षा प्रणालियों के सही उपयोग* की व्यवहारिक जानकारी समय-समय पर दी जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में बच्चे स्वयं को सुरक्षित रखने में सक्षम हो सकें।
विद्यार्थियों की प्रतिक्रिया से होगा चालक एवं सहायक का मूल्यांकन*डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों एवं विद्यालय प्रशासन से समय-समय पर स्कूल बस चालक एवं *सहायक* के संबंध में फीडबैक प्राप्त किया जाएगा। यह मूल्यांकन निम्न बिंदुओं पर आधारित होगा—• सुरक्षित एवं जिम्मेदार वाहन संचालन।• समयपालन एवं नियमितता।• विद्यार्थियों के प्रति शालीन, सम्मानजनक एवं सहयोगात्मक व्यवहार।
वाहन की स्वच्छता एवं अनुशासन।• फर्स्ट एड बॉक्स एवं सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता एवं उपयोग के प्रति सजगता।• वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करना।• आपातकालीन परिस्थितियों में जिम्मेदारी एवं तत्परता।• यातायात नियमों का पालन एवं ओवरस्पीडिंग से बचाव।• प्रत्येक विद्यार्थी के प्रति समान, संवेदनशील एवं सुरक्षित व्यवहार।
आरटीओ देहरादून देगा “बेस्ट स्कूल बस ड्राइवर” एवं “बेस्ट स्कूल बस सहायक” पुरस्कार*विद्यार्थियों एवं विद्यालय प्रशासन से प्राप्त फीडबैक, सुरक्षित ड्राइविंग रिकॉर्ड, अनुशासन, समयपालन, विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति समर्पण तथा समग्र प्रदर्शन के आधार पर उत्कृष्ट चालक एवं सहायक का चयन किया जाएगा।चयनित चालक एवं सहायक को *आरटीओ देहरादून* द्वारा *”बेस्ट स्कूल बस ड्राइवर पुरस्कार”* एवं *”बेस्ट स्कूल बस सहायक पुरस्कार”* प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा, जिससे सुरक्षित एवं जिम्मेदार विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को प्रोत्साहन मिल सके।
विद्यालयों में नियमित सुरक्षा ऑडिट होंगे*परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण एवं सुरक्षा ऑडिट किए जाएंगे। निरीक्षण के दौरान वाहनों की तकनीकी स्थिति, दस्तावेजों की वैधता, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, चालक एवं सहायक के आचरण तथा विद्यार्थियों से प्राप्त फीडबैक का मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे विद्यालयी परिवहन व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।*
सड़क सुरक्षा को विद्यालयी संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान*डॉ. अनीता चमोला ने विद्यालय प्रशासन से प्रार्थना सभाओं, अभिभावक बैठकों एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने का आह्वान किया। साथ ही विद्यार्थियों में सुरक्षित यातायात व्यवहार, जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर विशेष बल दिया।
सभी वाहन दस्तावेज सदैव वैध रखें*प्रत्येक स्कूल वाहन का *फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, पंजीकरण प्रमाणपत्र एवं चालक का ड्राइविंग लाइसेंस
हर समय वैध एवं अद्यतन होना चाहिए। विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। विद्यार्थियों की आवाज़ बनेगी सुरक्षा का आधार
विद्यालय समय-समय पर विद्यार्थियों से उनके बस चालक एवं सहायक के व्यवहार, समयपालन, सुरक्षित ड्राइविंग, सहयोगात्मक रवैये, स्वच्छता तथा सुरक्षा मानकों के पालन के संबंध में फीडबैक प्राप्त करें, जिससे विद्यालयी परिवहन व्यवस्था में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो सके।
उत्कृष्ट कार्य का होगा सम्मान*जो चालक एवं सहायक विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, समयपालन, शालीन व्यवहार एवं उत्कृष्ट सेवा का सर्वोत्तम उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, उन्हें परिवहन विभाग द्वारा *”बेस्ट स्कूल बस ड्राइवर पुरस्कार”* एवं *”बेस्ट स्कूल बस सहायक पुरस्कार”* से सम्मानित किया जाएगा, ताकि अन्य चालक एवं सहायक भी सुरक्षित एवं जिम्मेदार परिवहन व्यवस्था के लिए प्रेरित हों।
सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं।”— डॉ. अनीता चमोला**संभागीय परिवहन अधिकारी
(प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा),
देहरादून निरीक्षण अभियान में अधिकारी एवं प्रवर्तन टीम रही उपस्थित निरीक्षण अभियान में परिवहन कर अधिकारी सुश्री प्रज्ञा पंत, परिवहन कर अधिकारी सुश्री अनुराधा पंत तथा समस्त प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा टीम* उपस्थित रही।
