डॉ. आशीष चौहान ने निर्वाचन आयोग की टीम को दी पुनरीक्षण कार्यों की जानकारी, प्रारूप-7 की आपत्तियों के निष्पक्ष निस्तारण पर जोर

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अमीषा भट्ट

*विशेष गहन पुनरीक्षण की आयोग की टीम ने की समीक्षा*

*प्रारूप-7 की आपत्तियों का पारदर्शिता के साथ सावधानीपूर्वक निस्तारण करने पर जोर,*

*देहरादून 25 अगस्त, 2026(सू.वि)*
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत चल रहे कार्यों की रैंडम जांच, ऑडिट एवं पर्यवेक्षण के लिए भारत निर्वाचन आयोग की टीम ने मंगलवार को देहरादून जनपद का भ्रमण किया। आयोग की टीम ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान, उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैनात सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के साथ बैठक कर पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और आयोग के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया।

आयोग की टीम ने जनपद में पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ संचालित किए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की सराहना की। टीम ने निर्देश दिए कि प्रारूप-7 के अंतर्गत प्राप्त अधिक संख्या में आपत्तियों का अत्यंत सावधानी एवं निष्पक्षता के साथ निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मृत्यु अथवा स्थानांतरण के कारण मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की स्थिति में संबंधित मतदाता की जानकारी का बीएलओ तथा संबंधित राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (ठस्।) से अनिवार्य रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन कराया जाए।

आयोग की टीम ने यह भी बताया कि निर्धारित 11 प्रमाण-पत्रों में से अभी तक कोई प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं करने वाले मतदाताओं से पुनः संपर्क कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की अपील की जाए, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।

बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आयोग की टीम को जनपद में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण में विसंगति पाए जाने अथवा संबंधित विवरण उपलब्ध न कराए जाने के मामले में 21 अगस्त तक बीएलओ के माध्यम से 5,47,617 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद में 96,187 ऐसे मतदाता चिन्हित किए गए हैं, जिनका नाम उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दर्ज है। ऐसे मतदाताओं को अपनी इच्छा के अनुसार किसी एक राज्य की मतदाता सूची में रहने का अवसर दिया जा रहा है। बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं को इस संबंध में जानकारी दी जाएगी तथा उनकी स्वेच्छा के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी राकेश तिवारी, अपर्णा ढौंडियाल, रविन्द्र ज्वांठा, अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली उपस्थित रहे।

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