जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की
अमीषा भट्ट
नमामि गंगे के तहत निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति, रुद्रप्रयाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) सहित विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति एवं कार्य पूर्णता की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में 200 केएलडी एसटीपी गौरीकुंड, 06 केएलडी एसटीपी सीतापुर, 100 केएलडी एसटीपी तिलवाड़ा (जोहकासौ), 06 केएलडी एसटीपी सोनप्रयाग तथा 10 केएलडी एसटीपी (10 एम+5 एफ) एवं शौचालय ब्लॉक, सोनप्रयाग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति एवं निर्धारित पूर्णता तिथियों के संबंध में जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
बैठक में बताया गया कि 200 केएलडी एसटीपी गौरीकुंड अप्रैल 2026 में फंक्शनल हो चुका है, जबकि अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा एवं उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नमामि गंगे के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं का उद्देश्य जल स्रोतों को प्रदूषण से मुक्त रखना तथा सीवेज के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए।

बैठक में वन भूमि संबंधी प्रस्तावों तथा श्री केदारनाथ धाम स्थित 600 केएलडी एसटीपी के हस्तांतरण एवं प्रबंधन से संबंधित प्रकरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, उपजिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी उपजिलाधिकारी जखोली भगत सिंह फोनिया उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, अधिशासी अभियंता पेयजल निर्माण निगम रमाकांत गुप्ता, सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
