वन मंत्री सुबोध उनियाल का UKD ने किया घेराव, सड़क समस्याओं और दुर्गादेवी गेट खोलने की मांग
अमीषा भट्ट
सकण्ड समेत कई गांवों की सड़क समस्या को लेकर UKD ने वन मंत्री का किया घेराव
वन विभाग की स्वीकृतियों के चलते लंबित सड़कों के मामलों के शीघ्र निस्तारण की मांग, दुर्गादेवी गेट खोलने और मानव-वन्यजीव संघर्ष का मुद्दा भी उठाया
देहरादून 17 सितंबर: पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण में आ रही वन विभाग की अड़चनों, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के दुर्गादेवी गेट को खोलने और बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) ने वन मंत्री सुबोध उनियाल का घेराव किया।
प्रदर्शन UKD नेता कुलदीप रावत के नेतृत्व में किया गया।
इस दौरान UKD कार्यकर्ताओं ने सकण्ड गांव समेत उत्तराखंड के कई ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं वन मंत्री के सामने रखीं, जो लंबे समय से सड़क सुविधा से वंचित हैं। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वन विभाग से जुड़ी स्वीकृतियों और अन्य प्रक्रियाओं के कारण कई सड़क परियोजनाएं लंबित पड़ी हैं। सड़क सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
UKD की ओर से वन मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें वन विभाग की वजह से रुकी सभी सड़क परियोजनाओं से जुड़े मामलों का तत्काल निस्तारण करने और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक वन स्वीकृतियां जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के दुर्गादेवी गेट को 3 अक्टूबर से पहले खोलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। UKD कार्यकर्ताओं ने कहा कि गेट बंद रहने से आसपास के ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित स्तर पर जल्द निर्णय लेकर गेट खोलने की मांग की।
इसके अलावा बाघ और गुलदारों के बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर भी UKD ने सरकार का ध्यान आकर्षित किया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि वन्यजीवों की संख्या और उनके आवासीय क्षेत्रों का वैज्ञानिक आकलन कराया जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
घेराव के दौरान शांति प्रसाद भट्ट, प्रमिला रावत, सौम्या चौधरी, रोहित डंडरियाल, राहुल कोठियाल, रितु कंडियाल, हिमांशु पंवार, मीनाक्षी घिल्डियाल समेत कई UKD कार्यकर्ता मौजूद रहे।
UKD नेताओं ने कहा कि सड़क सुविधा, वन विभाग से जुड़ी स्वीकृतियों और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दे सीधे तौर पर पर्वतीय ग्रामीणों के जीवन से जुड़े हैं। उन्होंने सरकार से इन मामलों में जल्द ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
