उत्तराखंड में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की बड़ी पहल, सीएम धामी ने सौर जागरूकता स्मारिका का किया विमोचन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर द्वारा तैयार सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा उत्तराखंड के हरित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तराखंड सौर ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सौर जागरूकता स्मारिका का विमोचन करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा अब विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जरूरत है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत राज्य ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का लक्ष्य समय से पहले पूरा किया।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में काउंसिल ऑन एनर्जी, इन्वायरमेन्ट एण्ड वॉटर द्वारा तैयार की गई सौर जागरूकता स्मारिका पुस्तिका का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल एक पुस्तिका का विमोचन नहीं है, बल्कि उत्तराखंड को हरित, आत्मनिर्भर और ऊर्जा के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
सीएम धामी ने कहा कि आज पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में सौर ऊर्जा भविष्य की आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती दी जा सकती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित भविष्य भी तैयार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और बड़ी संख्या में लोग रूफटॉप सोलर संयंत्रों को अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं।
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड ने 40 हजार रूफटॉप सोलर संयंत्रों का प्रारंभिक लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया है। इसके साथ ही निर्धारित संयंत्रों के लक्ष्य का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के सफल संचालन में उत्तराखंड आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा को जन-जन तक पहुंचाया जाए। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से बिजली खर्च में कमी आएगी, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और आम लोगों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए अनुकूल हैं। राज्य सरकार इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, ताकि आने वाले समय में उत्तराखंड ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित विकास का मजबूत मॉडल बन सके।
