डीएम डॉ. आशीष चौहान ने बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान कार्यों की समीक्षा की, गुणवत्ता और समयसीमा पर दिए निर्देश

0
image27

चमोली, 06 जून। बद्रीनाथ धाम को विश्वस्तरीय तीर्थ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं और विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण एवं विकास कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

समीक्षा बैठक में बद्रीनाथ धाम क्षेत्र में यातायात व्यवस्था, तीर्थयात्रियों की पैदल आवाजाही, पथ प्रकाश व्यवस्था, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुव्यवस्थित विकास, नदी तटों की सुरक्षा, पार्किंग सुविधा, सीवर निस्तारण और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

पीआईयू लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि मास्टर प्लान के तहत धाम में चल रहे कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ धाम को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मास्टर प्लान के फेज-3 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की योजना और अध्ययन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन बेहद जरूरी है।

बैठक में जानकारी दी गई कि फेज-1 के अंतर्गत वन-वे लूप रोड, बीआरओ बाईपास रोड, सिविक एमेनिटी बिल्डिंग, शेषनेत्र लेक, बद्रीश लेक, आईएसबीटी भवन, टूरिस्ट मैनेजमेंट सेंटर भवन और अराइवल प्लाजा जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

डीएम डॉ. आशीष चौहान ने अस्पताल विस्तार भवन का कार्य भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को अस्पताल में आवश्यक उपकरणों की स्थापना से जुड़ी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा।

उन्होंने अलकनंदा नदी तटों पर सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए किए जा रहे रिवरफ्रंट विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि धाम में विकसित की जा रही सुविधाएं तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर अनुभव को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं।

बैठक में बताया गया कि फेज-2 के तहत प्रशासनिक भवन, इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर भवन, रिवरफ्रंट, पैदल सेतु और तीर्थ पुरोहित आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने पूर्ण हो चुके तीर्थ पुरोहित आवासों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उनके शीघ्र आवंटन और शिफ्टिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पिलग्रिम एकोमोडेशन ब्लॉक को भी प्राथमिकता के आधार पर हस्तांतरित करने को कहा।

डीएम ने धाम क्षेत्र में अतिक्रमण की संभावनाओं को रोकने के लिए उपजिलाधिकारी को सभी भूमि पैचों को सुरक्षित रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित की जा रही परिसंपत्तियों और भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उपजिलाधिकारी जोशीमठ चंद्रशेखर वशिष्ट, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!