टिहरी में सड़क सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस, संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जाएगी निगरानी
टिहरी, 29 जून। जनपद में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना रोकथाम और मानसून के दौरान सुरक्षित यातायात व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी से मई 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में 39.13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश हादसे अंधे मोड़ों, तेज रफ्तार और वाहन चालकों का ध्यान भटकने के कारण हुए। देवप्रयाग क्षेत्र में सबसे अधिक दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग सबसे अधिक प्रभावित रहे।
जिलाधिकारी ने देवप्रयाग क्षेत्र में ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने दुर्घटना संभावित स्थलों पर क्रैश बैरियर और पैरापेट की मरम्मत जल्द पूरी कराने पर जोर दिया।
बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग अब तक 2,606 तथा पुलिस विभाग 25,985 चालान कर चुका है। इसके अलावा नरेंद्रनगर और कोटी कॉलोनी क्षेत्र में संयुक्त प्रवर्तन अभियान के तहत 36 वाहनों के चालान कर नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की गई।
प्रशासन ने मुनि की रेती स्थित ब्रह्मानंद मोड़ पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। साथ ही मानसून के मद्देनजर मलबा और पेड़ गिरने की आशंका वाले 20 संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी मशीनों सहित आवश्यक संसाधनों की पहले से तैनाती कर दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में यातायात को शीघ्र बहाल किया जा सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से सड़क सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने और दुर्घटना संभावित स्थलों पर समयबद्ध सुधार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
