‘नियुक्ति पत्र केवल नौकरी नहीं, जनसेवा का संकल्प और जनता के विश्वास का प्रतीक’ : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री बोले- पद नहीं, कार्यशैली और जनसेवा से बनेगी पहचान
देहरादून 04 जुलाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों तथा कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चयनित पांच अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं, बल्कि सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, अपेक्षाओं और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब उनकी पहचान उनके पद से नहीं, बल्कि कार्यशैली, संवेदनशीलता, ईमानदारी और जनसेवा के प्रति समर्पण से होगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पद का अर्थ शासन करना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पहुंचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के लिए करीब डेढ़ लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था और 71 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से केवल 182 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। यह सफलता चयनित युवाओं की प्रतिभा, कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू कर चुकी है। इसके परिणामस्वरूप युवाओं का सरकारी भर्ती परीक्षाओं के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पिछले साढ़े चार वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दे चुकी है। आज 187 और युवाओं के इस अभियान से जुड़ने के साथ सरकार की युवा हितैषी प्रतिबद्धता और अधिक मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि रोजगार के लिए युवाओं को राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बाबा केदार की भूमि से दिए गए “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” के संकल्प को साकार करने में नवचयनित अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, निष्पक्षता और संविधान के अनुरूप कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बिना किसी दबाव के अपने दायित्वों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ईमानदारी से कार्य करने वाले प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, राम सिंह कैड़ा, विधायक सविता कपूर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
