न प्रधानाचार्य न प्रवक्ता, कैसे मिलेगी गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा
– जीजीआईसी ऋषिकेश में प्रवक्ताओं के चार पद वर्षों से खाली
– 800 से अधिक छात्राओं की पढ़ाई हो रही प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
ऋषिकेश। शहर के जीजीआईसी में सरकारी शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आई है। यहां इंटरमीडिएट स्तर पर छात्राएं इतिहास, राजनीति विज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषय नहीं पढ़ पा रही हैं। 800 से अधिक छात्राओं वाले इस विद्यालय में इन चार प्रमुख विषयों के प्रवक्ता वर्षों से नहीं हैं। एक साल से प्रधानाचार्य का पद भी रिक्त चल रहा है।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के दावों के बीच संबंधित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में मूलभूत विषयों के प्रवक्ताओं की भारी कमी बनी हुई है। जीजीआईसी ऋषिकेश में इतिहास जैसे महत्वपूर्ण विषय में 10 सालों से प्रवक्ता की तैनाती नहीं है। इसके अलावा हिंदी, अंग्रेजी व राजनीति विज्ञान में भी दो-तीन सालों से प्रवक्ता नहीं हैं।
इन विषयों का सीधा संबंध बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से भी है। ऐसे में छात्राओं को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण नहीं मिल पा रहा है। अभिभावक सुनीता देवी, रामेश्वरी देवी आदि का कहना है कि सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है, लेकिन जब इतने बड़े विद्यालय में ही आवश्यक विषयों के शिक्षक नहीं हैं तो छात्राओं का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा।
