कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अल्मोड़ा में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
एनआरएलएम के तहत 6,921 स्वयं सहायता समूह गठित, 28,500 लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा आयुक्त बोले—ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता अल्मोड़ा, 18 जुलाई। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) और ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा बैठक की।
बैठक में उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लेते हुए अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।आयुक्त ने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आमजन तक पहुंचना चाहिए और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और नियमों का पालन जरूरीजिला स्तरीय विकास प्राधिकरण की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने विभिन्न विकासात्मक प्रस्तावों पर चर्चा की और कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं और कार्यों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
।आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि सभी विकास कार्य नियमानुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्य प्राधिकरण के निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही कराएं, ताकि क्षेत्र का नियोजित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित हो सके।उन्होंने निर्देश दिए कि व्यावसायिक भवनों और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के मानकों के अंतर्गत लाया जाए।
एनआरएलएम से ग्रामीणों को मिलेगा स्वरोजगार का सहाराराष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार और आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने एनआरएलएम की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद अल्मोड़ा के 1,042 गांवों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। अब तक जिले में 6,921 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं। वहीं महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए 28,500 लखपति दीदियों का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है।
स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को मिलेगा बढ़ावाग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना को साकार किया जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी साधन विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए स्थानीय उत्पादों, स्वरोजगार और महिला समूहों को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने योजनाओं की वर्तमान प्रगति और आगामी कार्ययोजना से आयुक्त को अवगत कराया।आयुक्त दीपक रावत ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए विकास योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।
