ड्रग फ्री देवभूमि” के संकल्प से बनेगा आदर्श चम्पावत: एनकोर्ड समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने दिए नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

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अमीषा भट्ट

युवाओं को नशे की गर्त से बचाने के लिए जागरूकता के साथ काउंसलिंग पर जोर, हेल्पलाइन 1933 पर मिलेगी गोपनीय मदद

मा मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग फ्री देवभूमि” के संकल्प तथा “नशा मुक्त भारत” अभियान को धरातल पर चरितार्थ करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कार्यालय सभागार में जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध व्यापार और नशाखोरी पर अंकुश लगाने हेतु अब तक की गई कार्रवाइयों की सूक्ष्म समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ‘आदर्श चम्पावत’ के लक्ष्य को तब तक पूर्ण नहीं माना जा सकता जब तक जनपद पूरी तरह नशामुक्त न हो जाए।

इसके लिए पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण विभाग को आपसी सामंजस्य के साथ मिशन मोड में परिणामपरक कार्य करने के सख्त निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में 21 जुलाई तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 38 मामलों में 51 तस्करों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है। इस दौरान 597.06 स्मैक, 317 नशीले इंजेक्शन,1968 नशीले कैप्सूल, 3.728 किग्रा गांजा और 3.718 किग्रा चरस की जब्ती की गई है।

अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रहार करते हुए संयुक्त टीमों द्वारा 405 नाली क्षेत्र में फैली अवैध भांग की खेती को विनष्ट किया गया, जिसमें 30 लाख रुपये की संपत्ति ज़ब्त की गई है। जिलाधिकारी ने हिदायत दी कि जिन क्षेत्रों में भांग के विनष्टीकरण के पश्चात पुन: खेती पाए जाने की सूचना मिले, वहां संलिप्त व्यक्तियों पर तत्काल प्राथमिक दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके अतिरिक्त, जनपदभर में 116 जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से 6 हजार से अधिक नागरिकों को नशामुक्त समाज की संकल्पना से जोड़ा गया है।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में सतत परामर्श सत्र आयोजित करने तथा बस स्टैंड, हाईवे व संवेदनशील स्थलों पर पुलिस की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजन से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी जानकारी टोल-फ्री नंबर 1933 अथवा ‘मानस पोर्टल’ पर साझा करें, जहां सूचनादाता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह सहित, पुलिस विभाग व अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

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