-2024 का संशोधित परिणाम शीघ्र जारी करने की मांग, उक्रांद ने दी आयोग कार्यालय घेराव की चेतावनी

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अमीषा भट्ट

संपादक/संवाददाता/छाया चित्रकार/प्रिंट मीडिया/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/सोशल मीडिया/वेब पोर्टल आदि विषयः उत्तराखण्ड क्रांति दल ने की उत्तराखण्ड सहायक अध्यापक भर्ती-2024 के अभ्यर्थियों का उच्च न्यायालय के आदेशानुसार शीघ्र परिणाम घोषित न किये जाने के संबंध में। महोदय/महोदया,उत्तराखण्ड क्रांति दल ने उत्तराखण्ड सहायक अध्यापक.

भर्ती-2024 (न्जजंतंाींदक स्ज् ठींतजप 2024) के अभ्यर्थियों की लंबित भर्ती प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त की है।दल का कहना है कि उत्तराखण्ड एल.टी. भर्ती-2024 के अभ्यर्थियों के मापदंडों एवं नियमों के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड की डिवीजन बेंच द्वारा अभ्यर्थियों के पक्ष में अंतिम निर्णय (थ्पदंस श्रनकहउमदज) पारित किया जा चुका है। इसके बावजूद अत्यंत खेद का विषय है कि उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (न्ज्ञैैैब्) द्वारा न्यायालय के अंतिम आदेश का पूर्ण रूप से अनुपालन नहीं किया जा रहा है।

आयोग की इस उदासीनता एवं लापरवाही के कारण मेघावी अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है तथा उन्हें मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।उत्तराखण्ड क्रांति दल सदैव प्रदेश के युवाओं, बेरोजगारों एवं उनके संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ता आया है और आगे भी उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

दल का स्पष्ट मत है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। इसलिए हम राज्य सरकार एवं उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से मांग करते हैं कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का 4 जून 2025 तथा 3 जून 2026 का तत्काल पालन करते हुए उत्तराखण्ड एल.टी. भर्ती-2024 (सहायक अध्यापक) के अभ्यर्थियों का परिणाम संषोधित कर बिना किसी और विलंब के अतिशीघ्र अनुपालन करें।देव चन्द उत्तराखण्डी, केन्द्रीय महामत्री उ.क्रा.द का स्पश्ट कहना है कि बार – बार आष्वासन के बाद भी यदि शीघ्र ही उत्तराखण्ड एल.टी. भर्ती-2024 (सहायक अध्यापक) का परिणाम मे न्यायलय की अहवेलना की गई तो उत्तराखण्ड क्रांति दल प्रदेशभर के एल.टी. भर्ती-2024 अभ्यर्थियों व वेरोजगार युवायो के साथ उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (न्ज्ञैैैब्) कार्यालय का घेराव एवं लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। जिससे उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की स्थिति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन एवं आयोग की होगी।

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