जनसुनवाई में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जगत सिंह खाती ने उठाए सड़क, पुल व वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे

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अमीषा भट्ट

अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई कर आख्या प्रस्तुत करने के दिए निर्देश* कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई दिवस में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित विभागों को उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पिथौरागढ़ जगत सिंह खाती द्वारा जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रकरण अपर जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए।जगत सिंह खाती ने तुलानी–चण्डिका घाट रामगंगा नदी पर प्रस्तावित 80 मीटर मोटर पुल के निर्माण का मामला उठाते हुए कहा कि पुल वर्ष 2006 से स्वीकृत है तथा मुख्यमंत्री घोषणा में भी शामिल है।

उन्होंने बताया कि पुल तक पहुंचने के लिए तुलानी से लगभग 4 किलोमीटर सड़क का हिस्सा अभी तक वन अधिनियम से मुक्त नहीं हो पाया है, जबकि पुल की डीपीआर पूर्व में ही शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर पुल निर्माण हेतु धनराशि स्वीकृत कराने की मांग की।उन्होंने बेरीनाग–रीठा–रैतोली–मुवानी मोटर मार्ग के शेष लगभग 5 किलोमीटर हिस्से की स्वीकृति का मामला भी प्रमुखता से उठाया।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग का कार्य अधूरा होने से क्षेत्र की बड़ी आबादी को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर शेष सड़क निर्माण एवं प्रस्तावित मोटर पुल तक सड़क पहुंचाने की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करने की मांग की। उन्होंने पोखरी–चौली–चण्डिका घाट मार्ग पर प्रस्तावित पुल तक पहुंचने के लिए अवशेष 1.77 किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु धनराशि शीघ्र स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया। उनका कहना था कि इस सड़क के निर्माण के बाद प्रस्तावित 80 मीटर मोटर पुल के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी तथा कनालीछीना एवं गंगोलीहाट क्षेत्र के लगभग 240 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।

जगत सिंह खाती ने अगरून बैंड–आंवलाघाट मोटर मार्ग का मामला भी उठाते हुए बताया कि सड़क वर्षों पूर्व कट चुकी है, लेकिन अभी तक विधिवत स्वीकृति न मिलने से डामरीकरण एवं सुधारीकरण का कार्य नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए इसकी औपचारिक स्वीकृति एवं सुधार कार्य शीघ्र कराया जाए।इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में देवलथल तहसील क्षेत्र की मेलापानी–देवलथल, देवलथल–उड़ाई, बुंगाछीना–हरिनंदा मंदिर तथा मसराडी–मरौठ सड़क सहित अन्य क्षतिग्रस्त मार्गों के तत्काल निरीक्षण, मरम्मत एवं डामरीकरण की मांग की। गलाती–रमतौली (सेकला) मोटर मार्ग की लंबित विभागीय कार्यवाही पूर्ण कर निर्माण प्रारंभ कराने तथा एससीपी योजना के अंतर्गत निर्मित अंबेडकर गांव पेटखोला सड़क के डामरीकरण की मांग भी रखी।जनसुनवाई के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने भी अपनी समस्याएं अपर जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

मढ़धूर निवासी हिम्मत राम ने जंगली जानवरों के भय एवं विद्युत समस्या को देखते हुए दो सोलर लाइट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।रावलगांव, विकासखंड विण के सामाजिक कार्यकर्ता शिव सिंह सुगड़ा ने बंदरों एवं जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे भारी नुकसान का मुद्दा उठाते हुए सोलर फेंसिंग, नुकसान का सर्वे तथा प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की।तहसील बंगापानी क्षेत्र के मवानी, दवानी, बरम, मदकोट एवं गोरीपार क्षेत्र में श्रम कार्ड बनाने एवं नवीनीकरण के लिए कम से कम एक माह का विशेष शिविर आयोजित करने की मांग भी जनसुनवाई में रखी गई।

जाखनी वार्ड में स्कूल जाने वाले मार्ग की मरम्मत एवं स्ट्रीट लाइट लगाने, बजेटी निवासी शकुन्तला देवी द्वारा अपने पति के इलाज हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा तेजम निवासी राकेश चन्द्र उपाध्याय द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का अनुरोध भी प्रस्तुत किया गया।इसके अतिरिक्त लुमती, घरूड़ी एवं बांसबगढ़-मनकोट क्षेत्र में गोरी नदी पर संचालित ट्रॉलियों के निकट यात्रियों एवं स्कूली बच्चों की सुविधा हेतु यात्री शेड निर्माण की मांग भी जनसुनवाई में प्रमुखता से उठाई गई।

अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र सिंह ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित समयावधि में जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा प्रत्येक प्रकरण पर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास आशीष पुनेठा,उपप्रभागीय वनाधिकारी राजकुमार,डिप्टी सीएमओ डॉ0 प्रशांत कौशिक, जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक हिमांशु नौगांई समेत विभागीय अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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