डाॅ. धन सिंह रावत की मंजूरी से बीटीकेआईटी द्वाराहाट में शुरू होंगे AI-ML और रोबोटिक्स के नए B.Tech पाठ्यक्रम

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अमीषा भट्ट

*सूबे के युवाओं को मिलेगी एआई और रोबोटिक्स की आधुनिक शिक्षा*

*तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दो नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को दी मंजूरी*

*बीटीकेआईटी द्वाराहाट में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होंगे आधुनिक पाठ्यक्रम*

देहरादून, 12 अगस्त 2026
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के बीटीकेआईटी परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग तथा रोबोटिक्स पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे ताकि छात्रों को अत्याधुनिक व वैश्विक तकनीक से जोड़ा जा सके। इन दोनों नये बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन को तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मंजूरी दे दी है। दोनों पाठ्यक्रम वर्तमान शैक्षणिक सत्र से स्व-वित्त पोषित माध्यम से चलाये जायेंगे।

सूबे के तकनीकी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे उभरते तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। जिसको देखते हुये राज्य सरकार ने राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक एवं परास्नातक स्तर पर आधुनिक पाठ्यक्रमों के संचालन का निर्णय लिया है।

उन्होंने बताया बिपिन त्रिपाठी कुमायूं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआईटी), द्वाराहाट में दो नये बीटेक पाठ्यक्रम संचालित किये जायेंगे, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग (एआई एंड एमएल) तथा रोबोटिक्स शामिल है। डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्व-वित्त पोषित माध्यम से संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

विभागीय मंत्री डाॅ. रावत ने बताया कि दोनों नये पाठ्यक्रमों के संचालन को बीटीकेआईटी  द्वारा उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की प्रशासकीय परिषद तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली से भी आवश्यक अनुमोदन ले लिया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य तकनीकी संस्थानों में भी स्नातक व परास्नातक स्तर पर शीघ्र ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, बॉयोटेक, सेमीकंडक्टर तथा फुल-स्टैक डेवलपमेंट जैसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू किया जायेगा, ताकि नये तकनीकी पाठ्यक्रमों के संचालन से युवाओं को प्रदेश में ही अत्याधुनिक क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा।

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