बंशीधर तिवारी बोले—जनता की राय से बनेगा देहरादून का मास्टर प्लान-2041
पहले ही दिन 18 लोगों ने दर्ज कराए सुझाव और आपत्तियां, 21 जुलाई तक 12 सेक्टरों में चलेगा अभियान
देहरादून 07 जुलाई : आने वाले डेढ़ दशक में देहरादून कैसा होगा, शहर का विस्तार किस दिशा में होगा, यातायात व्यवस्था कैसे सुधरेगी, हरित क्षेत्रों का संरक्षण किस तरह होगा और बढ़ती आबादी की जरूरतों को कैसे पूरा किया जाएगा—इन सभी सवालों का जवाब देहरादून मास्टर प्लान-2041 में छिपा है। इसी महायोजना को जनभागीदारी के साथ अंतिम रूप देने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सोमवार से जनसुनवाई अभियान की शुरुआत कर दी। पहले दिन आयोजित शिविर में 18 लोगों ने मास्टर प्लान के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं।
अजबपुर खुर्द स्थित शकुन स्पोर्ट्स एकेडमी में आयोजित पहले जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
नागरिकों ने भूमि उपयोग, सड़क चौड़ीकरण, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और शहरी विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी राय रखी। अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों का विस्तार से परीक्षण कर उनका अभिलेखीकरण किया तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मास्टर प्लान-2041 केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य का विजन डॉक्यूमेंट है।
तेजी से बढ़ते शहरीकरण और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जनता की भागीदारी से ही यह योजना अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बनेगी।
उन्होंने बताया कि 6 से 21 जुलाई तक शहर के 12 सेक्टरों में जनसुनवाई शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक शिविर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा, जहां नागरिक सीधे अधिकारियों के समक्ष अपने सुझाव और आपत्तियां रख सकेंगे। प्राप्त सभी सुझावों का तकनीकी और विधिक परीक्षण किया जाएगा तथा उपयुक्त पाए जाने पर उन्हें मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। हर सुझाव का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है ताकि शहर के विकास से जुड़ी कोई भी महत्वपूर्ण बात छूट न जाए। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में जनसुनवाई में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि बेहतर देहरादून के निर्माण में हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
देहरादून मास्टर प्लान-2041 को राजधानी के सुनियोजित विकास की सबसे महत्वपूर्ण योजना माना जा रहा है।
इसमें आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के विस्तार, सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण, जल स्रोतों की सुरक्षा और आधुनिक शहरी सुविधाओं के विकास का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। ऐसे में शुरू हुई जनसुनवाई को राजधानी के भविष्य को आकार देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
