कांवड़ मेला-2026 से पूर्व एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे ने हरिद्वार एवं मुनि की रेती क्षेत्र में कांवड़ ड्यूटी हेतु नियुक्त लगभग 200 प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों को किया ब्रीफ

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अमीषा भट्ट

दृढ़ता एवं शालीनता के संतुलन के साथ ड्यूटी निभाने का दिया संदेश

आगामी कांवड़ मेला-2026 को सकुशल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में आज दिनांक 23.07.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्रीमती श्वेता चौबे द्वारा पुलिस लाइन चंबा स्थित RTC में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे लगभग 200 प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों, जिन्हें हरिद्वार एवं मुनि की रेती क्षेत्र में कांवड़ मेला ड्यूटी हेतु नियुक्त किया गया है, को विस्तृत रूप से ब्रीफ किया गया।

कांवड़ मेला ड्यूटी की संवेदनशीलता एवं महत्व को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों को संबोधित करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और विश्वास बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण दायित्व है। पुलिस का प्रत्येक व्यवहार उत्तराखंड पुलिस की कार्यसंस्कृति, अनुशासन एवं जनसेवा की भावना का परिचायक होना चाहिए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए, जिसमें दृढ़ता और शालीनता का संतुलन स्पष्ट रूप से दिखाई दे। जहां एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा नियमों के उल्लंघन पर आवश्यक सख्ती अनिवार्य है, वहीं दूसरी ओर कांवड़ियों की आस्था, भावनाओं और धार्मिक गरिमा का सम्मान करते हुए विनम्र, संयमित एवं सहयोगात्मक व्यवहार ही सफल पुलिसिंग की कुंजी है। प्रत्येक पुलिसकर्मी सेवा, सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।

उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि ड्यूटी के दौरान प्रत्येक कांवड़ यात्री के साथ विनम्र, शालीन एवं सहयोगात्मक व्यवहार रखें तथा किसी भी परिस्थिति में धैर्य एवं संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी का आचरण ही आमजन के बीच पुलिस की सकारात्मक एवं जनमित्र छवि स्थापित करता है।

ब्रीफिंग के दौरान प्रशिक्षुओं को यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का अक्षरशः पालन, आपसी समन्वय बनाए रखने, संचार व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा श्रद्धालुओं को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें निर्देशित किया गया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन, सतर्कता एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

इस अवसर पर एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे ने सभी प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताओं को भी सुना। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निस्तारण कराया गया तथा अन्य आवश्यक बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। उन्होंने प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह ड्यूटी उनके प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण चरण है, जहां वे व्यवहारिक पुलिसिंग का अनुभव प्राप्त कर भविष्य में एक सक्षम एवं संवेदनशील पुलिसकर्मी के रूप में स्वयं को स्थापित करेंगे।

अंत में एसएसपी श्रीमती श्वेता चौबे ने सभी प्रशिक्षुओं को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन एवं सेवा-भाव के साथ कांवड़ मेला ड्यूटी संपादित करने के लिए शुभकामनाएं दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि सभी रिक्रूट आरक्षी उत्तराखंड पुलिस की गरिमा, अनुशासन एवं जनसेवा की परंपरा के अनुरूप उत्कृष्ट कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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