ऊधमसिंह नगर में प्री-एसआईआर रिपोर्ट से बड़ा खुलासा, 2.79 लाख मतदाता निष्क्रिय श्रेणी में दर्ज

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रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले में मतदाता सूची से जुड़े प्री-एसआईआर चरण में बड़ा मामला सामने आया है। प्रारंभिक सत्यापन के दौरान जिले में करीब 2.79 लाख मतदाता निष्क्रिय पाए गए हैं। यह जानकारी चुनाव आयोग की ओर से कांग्रेस को उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक सूची के आधार पर सामने आई है।

जिले में अब विशेष एकीकृत पुनरीक्षण यानी एसआईआर की मुख्य प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर मतदाताओं की स्थिति की जांच करेंगे। साथ ही जिन मतदाताओं को निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया है, उनके बारे में भी पूरी जानकारी एकत्र की जाएगी।

इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी सहयोग करेंगे, ताकि मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि सत्यापन के बाद मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।

प्री-एसआईआर अभियान के दौरान जिले के सभी नौ ब्लॉकों में मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया था। इसका उद्देश्य मतदाता सूची का मिलान करना, त्रुटियों को सुधारना और निष्क्रिय मतदाताओं की वास्तविक स्थिति का पता लगाना था।

रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक निष्क्रिय मतदाता रुद्रपुर और काशीपुर क्षेत्रों में पाए गए हैं। हालांकि मुख्य एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाताओं की जानकारी अधूरी है या सत्यापन में सहयोग नहीं मिला, उन्हें निष्क्रिय श्रेणी में रखा गया है।

ब्लॉकवार प्रारंभिक स्थिति

प्री-एसआईआर रिपोर्ट के अनुसार जिले के काशीपुर, रुद्रपुर, किच्छा, बाजपुर, गदरपुर, जसपुर, नानकमत्ता, सितारगंज और खटीमा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर मतदाताओं की जानकारी स्पष्ट नहीं मिल पाई, जिसके चलते उन्हें निष्क्रिय सूची में शामिल किया गया।

प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार रुद्रपुर में 56 हजार से अधिक, किच्छा में 31 हजार से अधिक, बाजपुर में 30 हजार से अधिक, गदरपुर में करीब 27 हजार, जसपुर में 26 हजार से अधिक, नानकमत्ता में 25 हजार से अधिक, सितारगंज में 22 हजार से अधिक और खटीमा में करीब 19 हजार मतदाता निष्क्रिय पाए गए हैं। काशीपुर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में निष्क्रिय मतदाताओं की जानकारी सामने आई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर अभियान को पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं की सही स्थिति दर्ज करेंगे और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाएगा।

कांग्रेस की ओर से इस आंकड़े को गंभीर बताया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ता और बूथ लेवल एजेंट बीएलओ के साथ मिलकर निष्क्रिय मतदाताओं की सही जानकारी जुटाने में सहयोग करेंगे, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से प्रभावित न हो।

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