सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मेधावी विद्यार्थियों का किया सम्मान, बोले—परिश्रम, अनुशासन और संस्कार से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है
अमीषा भट्ट
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, सीएम धामी ने बढ़ाया हौसलाबोले—परिश्रम, अनुशासन और संस्कार से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है; भारत को विश्वगुरु बनाने में युवाओं की अहम भूमिरुड़की 28 जुलाई : आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका, रुड़की में सोमवार को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान, उत्तराखंड की ओर से प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यालय की आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर शिशु वाटिका का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तीसरे वर्ष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। विद्यार्थियों की सफलता यह साबित करती है कि परिश्रम, अनुशासन और संस्कार के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगा और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा।
13 हजार औपचारिक और 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों में शिक्षामुख्यमंत्री ने विद्या भारती की शिक्षा पद्धति और संस्कार आधारित मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में गोरखपुर से शुरू हुआ सरस्वती शिशु मंदिर आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है। वर्तमान में विद्या भारती देशभर में करीब 13 हजार औपचारिक और 12 हजार अनौपचारिक विद्यालयों के माध्यम से लगभग 45 लाख विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान कर रही है।
उत्तराखंड में भी 562 विद्यालयों में करीब सवा लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरीमुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देश में नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है।

राज्य में शिक्षा को आधुनिक, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाने के लिए स्मार्ट क्लास, आईटी लैब, मॉडल कॉलेज, छात्रावास और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए राज्य में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी, एनडीए और सीडीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को आगे की तैयारी के लिए 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जा रही है।‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करेंगे युवामुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि युवा भारत के वर्तमान और भविष्य हैं।
उनके ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व क्षमता के बल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा और भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।समारोह में विद्या भारती के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
