डीएम प्रशांत आर्य ने दिए भूमि अधिग्रहण के निर्देश
जोशियाड़ा-कालेश्वर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की तैयारी,
डीएम प्रशांत आर्य ने दिए भूमि अधिग्रहण के निर्देश
स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश, बरसात से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर
उत्तरकाशी 01जुलाई : नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या-8 और 9 (जोशियाड़ा-कालेश्वर मार्ग) में लंबे समय से बनी हुई जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मंगलवार को सिंचाई, राजस्व और नगर पालिका के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर समस्या का जायजा लिया और जल निकासी व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में क्षेत्र के लोगों को जलभराव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि जल निकासी के लिए टेल (निकासी के अंतिम छोर) की ओर जिन स्थानीय लोगों की भूमि आ रही है, उनके भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए, ताकि नाली निर्माण और जल निकासी मार्ग के विकास में किसी प्रकार की बाधा न आए।
जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग और नगर पालिका के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान नागरिकों को जलभराव से राहत दिलाने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।
प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि प्रस्तावित जल निकासी योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा न आने पाए और सभी विभाग मिलकर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी शालिनी नेगी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल, नगर पालिका के अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। जिला प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल निकासी से जुड़े निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू कराया जाएगा, जिससे जोशियाड़ा-कालेश्वर क्षेत्र के लोगों को वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
