डॉ. अनीता चमोला की अपील, उत्तराखंड कौथिक-2026 में परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को किया जागरूक

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अमीषा भट्ट

*उत्तराखंड कौथिक-2026 में सड़क सुरक्षा का संदेश: परिवहन विभाग के स्टॉल पर जागरूकता के साथ जनसहभागिता*

*दूसरे दिन तक 100 से अधिक आगंतुक पहुँचे स्टॉल पर; ऑनलाइन क्विज़ के उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया जा रहा पुरस्कृत*

*नेक राहवीर, हिट एंड रन एवं प्रधानमंत्री राहत योजना की जानकारी आमजन तक पहुँचाने की पहल*

देहरादून। उत्तराखंड कौथिक-2026 में परिवहन विभाग, उत्तराखंड द्वारा स्थापित सड़क सुरक्षा एवं जन-जागरूकता स्टॉल के माध्यम से आमजन को सुरक्षित यातायात व्यवहार और विभागीय जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। आयोजन के दूसरे दिन तक 100 से अधिक लोग स्टॉल का भ्रमण कर चुके हैं। आगंतुकों को सड़क सुरक्षा की जानकारी देने के साथ ऑनलाइन क्विज़ के माध्यम से उनकी सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जा रही है।

*दुर्घटना पीड़ितों की सहायता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी*

स्टॉल पर नेक राहवीर योजना, हिट एंड रन योजना तथा प्रधानमंत्री राहत योजना (PM RAHAT) सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को योजनाओं से अवगत कराने के साथ सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों की सहायता के प्रति संवेदनशील एवं जागरूक बनाना है।

*पोस्टर और पम्पलेट के माध्यम से सुरक्षित यातायात का संदेश*

सड़क सुरक्षा से संबंधित पोस्टर, पम्पलेट एवं अन्य जागरूकता सामग्री के प्रदर्शन तथा वितरण के माध्यम से आगंतुकों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि मेले में आने वाले लोग सड़क सुरक्षा का संदेश अपने परिवार और समुदाय तक भी पहुँचाएँ।

*ऑनलाइन क्विज़ में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे आगंतुक*

जन-जागरूकता को सहभागिता से जोड़ने के लिए स्टॉल पर ऑनलाइन सड़क सुरक्षा क्विज़ का आयोजन किया जा रहा है। आगंतुक इसमें उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर सड़क सुरक्षा संबंधी अपनी जानकारी परख रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया जा रहा है।

“*सड़क सुरक्षा की जागरूकता हमारे दैनिक व्यवहार में दिखनी चाहिए” — डॉ. अनीता चमोला*

डॉ. अनीता चमोला, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा), देहरादून ने कहा, “सड़क सुरक्षा केवल नियमों की जानकारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे दैनिक व्यवहार का हिस्सा बननी चाहिए। वाहन चलाते समय बरती गई सावधानी और दुर्घटना के समय सहायता के लिए बढ़ाया गया हाथ किसी का जीवन बचा सकता है। उत्तराखंड कौथिक जैसे आयोजन हमें आमजन से सीधे संवाद करने का अवसर देते हैं। हमारा उद्देश्य है कि लोग यातायात नियमों का पालन करें, दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आएँ और संबंधित योजनाओं की जानकारी जरूरतमंदों तक पहुँचाएँ।”

उन्होंने आमजन से परिवहन विभाग के स्टॉल पर पहुँचकर योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, ऑनलाइन क्विज़ में प्रतिभाग करने तथा सड़क सुरक्षा के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की।

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