‘मन की बात’ में जल संरक्षण और जनभागीदारी पर जोर, रामपाल सिंह बोले- हर नागरिक निभाए जिम्मेदारी
रुद्रपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण रविवार को वार्ड संख्या-1 स्थित राम विहार कॉलोनी, शिमला बहादुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मेयर एवं बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति उत्तराखंड के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) रामपाल सिंह के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने वर्षा जल संरक्षण को लेकर ‘कैच द रेन – जहां बारिश, वहीं संचय’ अभियान को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को अपने घर और संस्थानों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों के उपयोग, नवाचार, युवाओं की भागीदारी और विकसित भारत के लक्ष्य में जनसहभागिता के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को सभी की साझा जिम्मेदारी बताया।
इस अवसर पर रामपाल सिंह ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल संवाद नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला प्रेरक मंच है। उन्होंने लोगों से जल संरक्षण को जन अभियान बनाने और अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किसान मोर्चा एवं क्षत्रिय महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष अनिल चौहान ने कहा कि जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने और जल बचाने की आदत को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रेमपाल गंगवार, कृष्णपाल गंगवार, बॉबी गंगवार, मुकेश गुप्ता, लेखराज सिंह, सुरेंद्र गंगवार, संतोष चौहान, बलराम माझी सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
