जन-जन तक पहुंचीं सरकारी योजनाएं, चोपड़ा में लगा बहु-विभागीय जनसेवा शिविर
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मौके पर मिला योजनाओं का लाभ, नशामुक्ति की दिलाई शपथ
रुद्रप्रयाग, 10 जुलाई। सेवा, सुशासन एवं समर्पण अभियान के तहत गुरुवार को राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज, चोपड़ा में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसीलदार रुद्रप्रयाग जगदीश सिंह नेगी ने की।
शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई और पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी उपलब्ध कराया।
शिविर में स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। राजस्व, समाज कल्याण, खाद्य, कृषि, उद्यान एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्र लोगों को आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाली सुविधाओं से अवगत कराया। कई लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध हो सकीं।
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों से समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
अध्यक्षीय संबोधन में तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा लोगों की समस्याओं का अधिकतम समाधान मौके पर ही करना है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनहित में इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला युवा कल्याण अधिकारी वरद जोशी, खंड विकास अधिकारी सुरेश शाह, सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी ए.एस. बिष्ट, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज चोपड़ा के प्रधानाचार्य चंद्रप्रकाश त्रिपाठी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
