एसएसजे विश्वविद्यालय के अभिलेखों में अब ‘इंडिया’ की जगह लिखा जाएगा ‘भारत’
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बैठक में विश्वविद्यालय के आधिकारिक अभिलेखों में ‘इंडिया’ शब्द के स्थान पर ‘भारत’ शब्द का प्रयोग किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की संशोधित क्रेडिट संरचना को भी मंजूरी मिली। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू की जाएगी। इसके साथ ही कला, विज्ञान, वाणिज्य एवं प्रबंधन और दृश्यकला संकायों की बैठकों में लिए गए निर्णयों को भी अनुमोदित किया गया।
शोध एवं प्रसार निदेशालय की ओर से प्रस्तुत शोध अध्यादेश, विभिन्न विषयों के शोधार्थियों के शोध शीर्षक और पीएचडी उपाधियों से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा विश्वविद्यालय द्वारा अन्य शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों के साथ किए गए एमओयू को भी मंजूरी मिली।
बैठक में बी.वॉक होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम, नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी कैंपस की स्थापना और शैक्षणिक कैलेंडर से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकार किया गया। एसएसजे परिसर के लोअर कैंपस स्थित प्रेक्षागृह का नाम स्वामी विवेकानंद सभागार रखने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिला।
