प्रकाश चंद्र बोले- आपदा के हर चरण में पुलिस की भूमिका अहम, प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को दिया प्रशिक्षण
अमीषा भट्ट
आपदा के हर चरण में पुलिस की भूमिका अहम: प्रकाश चंद्र
प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों को आपदा प्रबंधन के संस्थागत ढांचे और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की दी जानकारी
देहरादून 01 अक्टूबर : उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस अधिकारियों को आपदा की स्थिति में उनकी जिम्मेदारियों से बेहतर तरीके से अवगत कराने के उद्देश्य से वर्ष 2024 एवं 2026 बैच के प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षकों का अभिमुखीकरण कार्यक्रम उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षु अधिकारियों को राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, संस्थागत ढांचे और आपदा प्रबंधन के विभिन्न चरणों में पुलिस एवं संबंधित विभागों की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, प्रतिवादन, राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। इसके साथ ही इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (आईआरएस) की अवधारणा और उसकी संरचना, चेतावनी प्रसारण तंत्र तथा आपदा से पहले और आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली तैयारियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षु अधिकारियों ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) की कार्यप्रणाली को भी समझा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि आपदा प्रबंधन के प्रत्येक चरण में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण और संवेदनशील होती है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय पुलिस प्रमुख एजेंसियों में शामिल होती है, जो प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने के साथ राहत और बचाव कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान पुलिस की जिम्मेदारियों में प्रभावित लोगों की सुरक्षित निकासी, भीड़ एवं यातायात प्रबंधन, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा, राहत सामग्री के निर्बाध वितरण में सहयोग, अफवाहों पर नियंत्रण और सही सूचना का संप्रेषण प्रमुख हैं। इसके अलावा प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारियों को भविष्य में पुलिस अधिकारी के रूप में आपदा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतिक और नेतृत्वकारी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। उन्होंने कहा कि आपदा के समय समर्पण, अनुशासन, मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता प्रभावी कार्रवाई की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रशिक्षण से प्रशिक्षु अधिकारियों को आपदा प्रबंधन की जमीनी समझ मिलेगी और वे भविष्य में राज्य की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान देंगे।
कार्यक्रम में संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डॉ. पीडी माथुर सहित प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक दक्ष शोखंद, लव शर्मा, अदिति पुनेठा, हिमांशु दिवाकर, आदित्य तिवारी, दिव्येश उपाध्याय, अंकित थपलियाल, समीरण भट्ट, विनय सिंह, दीप्ति कैड़ा और तनुजा बिष्ट मौजूद रहे।
