एससी/एसटी अत्याचार निवारण मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 60 दिन में जांच पूरी करें : निदेशक उत्तम प्रकाश
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक ने देहरादून में की समीक्षा बैठक
देहरादून, 11जुलाई। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के निदेशक उत्तम प्रकाश ने विकास भवन सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में लंबित प्रकरणों की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ितों को न्याय और आर्थिक सहायता में किसी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपॉकर घिल्डियाल, पुलिस उपाधीक्षक जितेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नरेश धारकोटी, लेखाकार उत्तम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान निदेशक उत्तम प्रकाश ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी पालन करते हुए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और पीड़ितों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि परगना स्तर पर सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समितियों का शीघ्र गठन कर उनकी नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, ताकि मामलों की लगातार निगरानी हो सके। साथ ही जिन मामलों की पुलिस जांच 60 दिनों से अधिक समय से लंबित है, उन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिनियम के अनुसार प्रत्येक प्रकरण की जांच 60 दिनों के भीतर पूरी करना अनिवार्य है।
बैठक में भूमि संबंधी लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। निदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों की सूची जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी जांच में तेजी लाते हुए 10 दिनों के भीतर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
पीड़ितों को आर्थिक सहायता के भुगतान में हो रही देरी पर भी उन्होंने चिंता जताई। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि निदेशालय से समन्वय स्थापित कर आवश्यक बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि पात्र पीड़ितों को सहायता राशि का भुगतान बिना विलंब किया जा सके।
समीक्षा के दौरान एक ऐसे मामले का भी संज्ञान लिया गया, जिसमें लाभार्थी का बैंक खाता और जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध न होने के कारण आर्थिक सहायता लंबित थी। इस पर पुलिस उपाधीक्षक को निर्देश दिए गए कि संबंधित दस्तावेज तीन दिनों के भीतर समाज कल्याण विभाग को उपलब्ध कराए जाएं, जिससे सहायता राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के समापन पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के निदेशक उत्तम प्रकाश ने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन ही पीड़ितों को समयबद्ध न्याय और राहत दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक मामले की नियमित समीक्षा कर कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
