अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति घोटाला मामले में जांच के लिए एसआईटी गठित, शिक्षण संस्थानों के दस्तावेज तलब
अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में अनियमितताओं का मामला किसी एक शिकायत का परिणाम नहीं है। इसकी शुरुआत केंद्र सरकार के स्तर पर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के डेटा विश्लेषण से हुई। करीब 16 महीने तक शासन और जिला प्रशासन के स्तर पर चली जांच के बाद अब हरिद्वार के 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ मामला पुलिस तक पहुंचा।अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति योजना में घोटाले के मामले में 19 शिक्षण संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है। एसआईटी ने जांच संभालते हुए शिक्षण संस्थानों के दस्तावेज तलब कर जांच करने के साथ ही पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।आरोप था कि राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर वर्ष 2021-22 और 2022-23 के आंकड़ों के विश्लेषण में इन सभी संस्थानों की ओर से छात्रवृत्ति योजना में वित्तीय अनियमितता, धोखाधड़ी और शासकीय धन के गबन बात सामने आई। मंगलवार को एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले में एसआईटी का गठन करते हुए जांच टीम की अगुवाई सीओ सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी को सौंप दी।
