नशे के खिलाफ पिथौरागढ़ में सख्ती, तस्करों पर कसेगा शिकंजा
अमीषा भट्ट
एनसीओआरडी समिति की बैठक में डीएम आशीष भटगांई ने दिए निर्देश, जनवरी से जून तक 492 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 15,703 लोगों को किया गया जागरूकपिथौरागढ़, 22 जुलाई। मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और नशे के बढ़ते प्रभाव पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति की बैठक में नशे के खिलाफ विभागवार कार्ययोजना और अब तक की कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
सीमांत क्षेत्रों, होटल, होमस्टे, बस और टैक्सी स्टैंड सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित चेकिंग अभियान चलाने के साथ ही पुलिस, एएनटीएफ और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।बैठक में अवैध भांग की खेती के खिलाफ अभियान को लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिस, राजस्व, वन और अन्य संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध खेती का विनष्टीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएं।पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे ने जनपद में नशे की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि टॉप-50 ड्रग पेडलरों का चिन्हीकरण, जमानत पर रिहा अभियुक्तों की निगरानी, होटल, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष चेकिंग अभियान तथा सोशल मीडिया और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पर निगरानी की जा रही है।छह माह में 492 जागरूकता कार्यक्रमबैठक में बताया गया कि जनवरी से 30 जून 2026 तक जनपद में नशे के खिलाफ 492 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 15,703 नागरिकों और छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।
एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में अवैध भांग की खेती के खिलाफ संयुक्त अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं।जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति और परामर्श सेवाओं को मजबूत करने, शिक्षा विभाग को शिक्षण संस्थानों में एंटी ड्रग क्लब और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित करने तथा पंचायत विभाग को ग्राम स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। समाज कल्याण और महिला सशक्तिकरण विभाग को जोखिमग्रस्त युवाओं और बच्चों के बीच जागरूकता एवं पुनर्वास गतिविधियों को प्रभावी बनाने को कहा गया।
बैठक में परिवहन, आबकारी, वन विभाग और एसएसबी की कार्ययोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, संयुक्त गश्त और अवैध शराब व मादक पदार्थों के खिलाफ सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जनसहभागिता और जागरूकता भी बेहद जरूरी है।
सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और अभियान की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें।
