हरेला-2026 पर जनपद के चंडाक में होगा मुख्य कार्यक्रम

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जिलाधिकारी ने दिए जियो-टैगिंग, संरक्षण एवं विभागवार समन्वय के निर्देश

जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आगामी हरेला पर्व-2026 (16 जुलाई) के सफल आयोजन एवं व्यापक वृक्षारोपण अभियान को लेकर जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि जनपद स्तरीय मुख्य हरेला कार्यक्रम चंडाक में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं तथा आमजन की व्यापक सहभागिता के साथ सामूहिक वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी विकासखंडों, शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान संचालित होगा।

प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए जनपद में 1,25,000 पौधों के रोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें वन विभाग द्वारा 1,10,000 तथा अन्य विभागों द्वारा 15,000 पौधे लगाए जाने का लक्ष्य है। लक्ष्य के सापेक्ष वन विभाग के पास 4,28,728 पौधे उपलब्ध हैं, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 3.43 गुना अधिक हैं। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर जनपदभर में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के सहयोग से दो लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शासनादेश के अनुरूप शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, चिकित्सालयों, नदी किनारों, सिटी पार्कों, वन पंचायत भूमि, सामुदायिक भूमि, संस्थागत परिसरों तथा ट्री-गार्ड युक्त सड़क किनारे स्थलों को प्राथमिकता देते हुए वृक्षारोपण स्थलों का अंतिम चयन किया जाए। प्रत्येक स्थल की जियो-टैगिंग कर उसके संरक्षण हेतु उत्तरदायी अधिकारी नामित किए जाएं तथा विभागवार जोन निर्धारित कर दोहराव से बचाया जाए।

उन्होंने निर्देशित किया कि सभी विभाग समयबद्ध कार्ययोजना के अनुसार गड्ढों की खुदाई, पौधों का आवंटन, सिंचाई, परिवहन, टैगिंग एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करें। 16 जुलाई को चंडाक में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के साथ पूरे जनपद में व्यापक जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण किया जाएगा तथा प्रत्येक स्थल की जियो-टैग फोटो एवं डिजिटल रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में विभागवार दायित्व भी निर्धारित किए गए। वन विभाग को पौधों की उपलब्धता, जोन निर्धारण, जियो-टैगिंग एवं समन्वय की जिम्मेदारी दी गई, जबकि उद्यान विभाग को फलदार प्रजातियों के पौधों की व्यवस्था एवं नोडल समन्वय का दायित्व सौंपा गया। ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा के अभिसरण से ग्रामीण क्षेत्रों में जनसहभागिता सुनिश्चित करने, लोक निर्माण विभाग को ट्री-गार्ड एवं सड़क किनारे वृक्षारोपण, जल संसाधन एवं जल संस्थान को सिंचाई व्यवस्था, शिक्षा विभाग को विद्यालयों में पौधरोपण तथा एनएसएस एवं स्काउट-गाइड की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को नगरीय क्षेत्रों एवं पार्कों में पौधरोपण तथा परिवारों को पौध वितरण, सूचना विभाग को व्यापक प्रचार-प्रसार एवं डिजिटल मीडिया अभियान तथा राजस्व विभाग को राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण एवं नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक वृक्षारोपण स्थल का रियल-टाइम डिजिटल अभिलेखीकरण किया जाएगा तथा डिस्ट्रिक्ट ग्रीन रजिस्टर तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही जिला हरित नियंत्रण कक्ष के माध्यम से स्थल तैयारी, पौध उपलब्धता, वृक्षारोपण की प्रगति, दैनिक प्रतिवेदन एवं पौधों के रखरखाव की नियमित निगरानी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि हरेला केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का महाअभियान है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर तैयारियां पूर्ण करें तथा पौधरोपण के साथ पौधों के संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि 16 जुलाई को प्रत्येक ग्राम पंचायत को पर्याप्त संख्या में पौधे उपलब्ध कराए जाएं, ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत में भी हरेला पर्व के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम प्रभावी रूप से आयोजित किया जा सके।

उन्होंने सभी अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक जनभागीदारी के माध्यम से हरेला-2026 को जनपद का एक भव्य एवं प्रेरणादायी जन-अभियान बनाया जाए, जिससे अधिकाधिक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान से जुड़ सकें।

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