यूकाड़ा निदेशक संजय टोलिया बोले— सीएम पुष्कर धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हवाई सेवाओं का तेजी से हो रहा विस्तार
अमीषा भट्ट
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाड़ा) के निदेशक संजय टोलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में हवाई संपर्क को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक सुरक्षित, सुलभ और तेज हवाई सेवाएं पहुंचाकर पर्यटन, तीर्थाटन, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है।
संशोधित कॉपी:यूकाड़ा के निदेशक संजय टोलिया ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड का नागरिक उड्डयन क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राज्य सरकार पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, जिससे पर्यटन, धार्मिक यात्रा, आपदा राहत और स्थानीय विकास को गति मिल रही है
उन्होंने बताया कि यूकाड़ा हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार, नए हेलिपैडों के निर्माण और चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
साथ ही आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए भी हवाई सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आधुनिक तकनीक और बेहतर संचालन मानकों को अपनाया जा रहा है।संजय टोलिया ने कहा कि क्षेत्रीय संपर्क योजनाओं के तहत राज्य के दुर्गम इलाकों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं।
देहरादून, पंतनगर और पिथौरागढ़ सहित विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के विजन “हर जिले और हर प्रमुख पर्यटन स्थल तक हवाई सेवा” को साकार करने के लिए केंद्र सरकार की उड़ान (UDAN) योजना के अंतर्गत नई हवाई सेवाओं और क्षेत्रीय संपर्क का विस्तार किया जा रहा है।
जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा, आधारभूत ढांचे के विस्तार और आधुनिक यात्री सुविधाओं के विकास पर भी तेजी से काम चल रहा है। पंतनगर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग रोकने संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम की चुनौतियों को देखते हुए अतिरिक्त वेदर ऑब्जर्वेशन स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि उड़ानों की सुरक्षा और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जा सके।संजय टोलिया ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड आने वाले समय में देश के अग्रणी पर्वतीय विमानन मॉडल के रूप में स्थापित होगा।
उनका कहना था कि यूकाड़ा का लक्ष्य केवल हवाई सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, भरोसेमंद और आधुनिक विमानन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
