पिथौरागढ़ में महिला समूहों ने रचा सफलता का नया अध्याय, आईटीबीपी को आपूर्ति कर कमाए ₹2.25 लाख से अधिक
पिथौरागढ़ के मूनाकोट क्षेत्र की महिला स्वयं सहायता समूहों ने आईटीबीपी को पोल्ट्री और बकरी आपूर्ति कर एक ही दिन में ₹2.25 लाख से अधिक का कारोबार किया। यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पिथौरागढ़ जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों ने आजीविका और उद्यमिता के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। संस्थागत बाजारों से जुड़ाव के चलते महिला समूहों ने आईटीबीपी को जीवित मुर्गियों और बकरा-बकरी की आपूर्ति कर एक ही दिन में ₹2.25 लाख से अधिक का व्यवसाय अर्जित किया।

मूनाकोट विकासखंड की महिला उद्यमियों ने संगठित प्रयासों के माध्यम से बड़ी मात्रा में पोल्ट्री उत्पाद और पशुधन की आपूर्ति की। इससे न केवल महिलाओं को बेहतर आय प्राप्त हुई बल्कि स्थानीय स्तर पर पशुपालन आधारित उद्यमों को भी नई पहचान मिली।
महिला समूहों की इस सफलता में सामूहिक प्रयास, बाजार तक सीधी पहुंच और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए सुनिश्चित बाजार उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहलें सीमांत क्षेत्रों में रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। संस्थागत खरीद व्यवस्था से जुड़ने के बाद महिला समूहों के लिए भविष्य में भी आय के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
