सिमोग में दशहरा पर्व पर पहुंचे संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज, शिलगुर विजट महाराज के किए दर्शन
बावर की लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच मनाया गया दशहरा उत्सव, हिमाचल सहित पड़ोसी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालू
जौनसार-बावर क्षेत्र में दशहरा पर्व धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति के अनूठे संगम के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज सिमोग पहुंचे, जहां उन्होंने आराध्य देव शिलगुर विजट महाराज के दर्शन कर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने दशहरा पर्व के तहत आयोजित धार्मिक, सांस्कृतिक और क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया।मंगलवार को टौंस वैली युवा विकास समिति, ग्राम कोटी, खत विशायल की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए सतपाल महाराज ने क्षेत्रवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने जौनसार-बावर की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक मान्यताओं से जुड़े इस पर्व के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में आयोजित भव्य क्रीड़ा प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें स्थानीय स्तर पर उत्सव का माहौल देखने को मिला।मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस वर्ष विजयादशमी का विशेष महत्व है। सिरमौर और शिमला जिलों की सीमा पर स्थित सराहण और चूड़धार से आराध्य देव शिरगुल महाराज का विजयादशमी के अवसर पर जौनसार-बावर के सिमोग पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का विषय है। देव दर्शन के लिए उत्तराखंड के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।ढोल-दमाऊ की थाप पर दिखी जौनसारी संस्कृति की झलकदशहरा उत्सव के दौरान जौनसार-बावर की पारंपरिक लोक संस्कृति और रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिली। स्थानीय लोग पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर कार्यक्रम में शामिल हुए। ढोल-दमाऊ की गूंज के बीच पारंपरिक लोकनृत्य ने उत्सव की रौनक बढ़ाई। धार्मिक आस्था के साथ लोक परंपराओं की यह प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। उत्सव ने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक सहभागिता को भी प्रदर्शित किया।सिमोग में आयोजित कार्यक्रम के बाद सतपाल महाराज ने कालसी क्षेत्र स्थित जमुना कृष्णधाम हरिपुर पहुंचकर मां यमुना की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और पूजा-अर्चना की।कार्यक्रम में भीम सिंह चौहान, जबर सिंह नेगी, डॉ. श्याम कुंवर, शांति चौहान, अमित नागी, गीता राम शर्मा, संत राम चौहान, सूरत सिंह चौहान, केशर सिंह चौहान और बीर सिंह चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

