चार साल बाद उत्तराखंड आ रहे राहुल गांधी, कुमाऊं-गढ़वाल की रैलियों से फूंकेंगे चुनावी बिगुल
करीब चार साल बाद राहुल गांधी उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। अल्मोड़ा और पौड़ी की रैलियों के जरिए कांग्रेस कुमाऊं-गढ़वाल में चुनावी माहौल बनाने की तैयारी में है।
देहरादून। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत में सक्रिय नजर आने वाले हैं। करीब चार साल के अंतराल के बाद उनका दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा तय माना जा रहा है। इस दौरे को कांग्रेस आगामी चुनावों की तैयारी के लिहाज से काफी अहम मान रही है।
पार्टी नेताओं के अनुसार राहुल गांधी चार और पांच जून को उत्तराखंड पहुंच सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत वे चार जून को अल्मोड़ा में जनसभा को संबोधित करेंगे और इसके बाद पौड़ी में पूर्व सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर संवाद कर सकते हैं। माना जा रहा है कि कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में होने वाले ये कार्यक्रम कांग्रेस के लिए चुनावी माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राहुल गांधी का यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि वे लंबे समय बाद उत्तराखंड आ रहे हैं। इससे पहले वे दिसंबर 2021 में देहरादून पहुंचे थे। अब उनके दोबारा राज्य में आने की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह बढ़ गया है।
कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि राहुल गांधी की रैलियों से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। पार्टी कार्यकर्ता इसे चुनावी तैयारी के बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं। खास तौर पर पूर्व सैनिकों, युवाओं और पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच इस दौरे को लेकर खास उत्सुकता बताई जा रही है।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार पांच जून को राहुल गांधी देहरादून में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व मंत्रियों, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों और विभिन्न संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में आगामी चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और जमीनी फीडबैक पर चर्चा होने की संभावना है।
राजनीतिक नजरिए से देखा जाए तो राहुल गांधी का यह दौरा कांग्रेस के लिए सिर्फ एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य में संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। कुमाऊं और गढ़वाल में होने वाले कार्यक्रमों के जरिए पार्टी जनता और कार्यकर्ताओं तक सीधा संदेश पहुंचाने की तैयारी में है।
