राहुल गांधी से मिले नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारी, भर्ती नियमों और 80:20 व्यवस्था पर उठाई आवाज

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अमीषा भट्ट

नर्सिंग भर्ती के मुद्दे पर राहुल गांधी से मिले नर्सिंग एकता मंच के पदाधिकारी

भर्ती में कथित अनियमितताओं, नियमों में बार-बार बदलाव और 80:20 महिला-पुरुष प्रावधान समाप्त करने की मांग उठाई

नई दिल्ली। उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की।

नर्सिंग एकता मंच उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने मुलाकात के दौरान नर्सिंग अधिकारी भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, भर्ती नियमावली में बार-बार किए जा रहे बदलाव, परीक्षा आधारित चयन प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के साथ कथित वादा खिलाफी समेत विभिन्न मुद्दे उठाए।

मंच के पदाधिकारियों ने राहुल गांधी को उत्तराखंड के हजारों बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सरकारी नियुक्ति की लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती प्रक्रिया में समय-समय पर किए गए बदलाव परेशानी का कारण बन रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि नियमों में बदलाव के कारण कई अभ्यर्थियों के सामने वर्षों की तैयारी और सरकारी नौकरी की उम्मीद के बावजूद अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

252 दिन से धरने पर नर्सिंग अभ्यर्थी

नर्सिंग एकता मंच ने बताया कि देहरादून के एकता विहार में नर्सिंग अभ्यर्थियों का धरना शुक्रवार को 252वें दिन में प्रवेश कर गया है। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से अभ्यर्थियों को सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। मंच के अनुसार, उस समय अभ्यर्थियों से कहा गया था कि उनके हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन बाद में नर्सिंग अधिकारी भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कर दी गई।

पदाधिकारियों ने राहुल गांधी के समक्ष कहा कि सरकार के आश्वासन के बाद परीक्षा आयोजित होने से आंदोलनरत अभ्यर्थियों में निराशा पैदा हुई है। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि उनके हित में कोई समाधान निकलेगा, लेकिन परीक्षा आधारित भर्ती प्रक्रिया सामने आने से उनके सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई।

वर्षवार और वरिष्ठता आधारित भर्ती व्यवस्था का मुद्दा

मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि जब कई अभ्यर्थियों ने अपनी नर्सिंग शिक्षा पूरी कर सरकारी भर्ती की तैयारी शुरू की थी, उस समय वर्षवार एवं वरिष्ठता के आधार पर भर्ती व्यवस्था लागू थी। इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अभ्यर्थियों ने वर्षों तक अपनी बारी का इंतजार किया।

पदाधिकारियों का कहना है कि अब भर्ती प्रक्रिया को परीक्षा आधारित किए जाने से उन अभ्यर्थियों के सामने असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जो लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने भर्ती नियमावली में बार-बार बदलाव किए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे अलग-अलग वर्षों में नर्सिंग शिक्षा पूरी करने वाले अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

80:20 महिला-पुरुष भर्ती प्रावधान समाप्त करने की मांग

नर्सिंग एकता मंच ने नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती में लागू 80 प्रतिशत महिला और 20 प्रतिशत पुरुष के प्रावधान का मुद्दा भी राहुल गांधी के समक्ष प्रमुखता से रखा। मंच के पदाधिकारियों ने मांग की कि भर्ती में लिंग के आधार पर पदों का विभाजन समाप्त किया जाए और महिला एवं पुरुष अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान किया जाए।

मंच का कहना है कि नर्सिंग अधिकारी पद पर चयन योग्य अभ्यर्थियों की योग्यता, मेरिट और निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग महिला अभ्यर्थियों के अधिकारों को कम करने की नहीं, बल्कि महिला और पुरुष दोनों अभ्यर्थियों के लिए समान एवं गैर-भेदभावपूर्ण अवसर सुनिश्चित करने की है।

नर्सिंग एकता मंच ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे इस विषय को संसद और उचित मंच पर उठाते हुए 80:20 महिला-पुरुष व्यवस्था को समाप्त करने तथा पुरुष नर्सिंग अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल करें।

पारदर्शी और न्यायपूर्ण भर्ती प्रक्रिया की मांग

मंच के पदाधिकारियों ने नर्सिंग अधिकारी भर्ती से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी, न्यायपूर्ण और समान अवसर पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने भर्ती नियमों में बार-बार होने वाले बदलावों से उत्पन्न स्थिति का स्थायी समाधान निकालने की मांग भी की।

पदाधिकारियों ने राहुल गांधी को बताया कि उत्तराखंड में बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी सरकारी नियुक्ति की उम्मीद लगाए हुए हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा आवश्यक है।

मंच ने उम्मीद जताई कि राहुल गांधी नर्सिंग अभ्यर्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मुद्दों को उचित मंच पर उठाएंगे और नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, समान अवसर और न्यायपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कराने की दिशा में आवाज उठाएंगे।

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