मदन कौशिक ने एसईओसी पहुंचकर पीपलकोटी टनल हादसे में राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की
अमीषा भट्ट
पीपलकोटी टनल हादसा: आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने एसईओसी पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की
लापता लोगों की तलाश में तेजी लाने के निर्देश, घायलों के समुचित उपचार और प्रभावितों को हरसंभव सहायता देने पर जोर
देहरादून 15 अगस्त: जनपद चमोली के पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी टनल में हुई दुर्घटना के बाद राज्य सरकार राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने टनल के भीतर लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए चलाए जा रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान, घायलों के उपचार तथा घटनास्थल पर संचालित अन्य राहत कार्यों की जानकारी ली।
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र तथा अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी ने मंत्री को राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ टनल के भीतर फंसे और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं तथा राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने घायलों के उपचार की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनके इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने मृतकों के शवों को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
मदन कौशिक ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर चुके हैं तथा अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना है। सरकार का उद्देश्य प्रभावितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराना और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी न आने देना है।
मंत्री ने निर्देश दिए कि टनल के भीतर लापता लोगों की तलाश के लिए चल रहे सर्च एवं रेस्क्यू अभियान को पूरी गंभीरता, समन्वय और तेजी के साथ जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि अभियान में शामिल सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाए तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
बैठक के दौरान मंत्री ने आने वाले दिनों के मौसम पूर्वानुमान की जानकारी भी ली और संभावित खराब मौसम को देखते हुए सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न नदियों के जलस्तर की जानकारी प्राप्त करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखने को कहा।
मदन कौशिक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के माध्यम से सभी जनपदों के साथ प्रभावी और उच्चस्तरीय समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फील्ड में तैनात अधिकारी और राहत-बचाव दल 24×7 मुस्तैद रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने मौसम, नदियों के जलस्तर और संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
