तीसरी संतान की जानकारी छिपाने पर जिला पंचायत सदस्य घोषित हुए अयोग्य
बागेश्वर। प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र संख्या-4 असौं से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कुंदन राम को तीसरी संतान संबंधी तथ्य छिपाने के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी आरसी तिवारी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी है।
मामले में प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रशासन द्वारा जांच कराई गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि पंचायत चुनाव के दौरान कुंदन राम ने अपनी तीसरी संतान के संबंध में जानकारी प्रस्तुत नहीं की थी।
प्रकरण में पंचायतीराज निदेशालय से भी मार्गदर्शन लिया गया। उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम, 2016 की धारा-90(1)(द) के प्रावधानों के अनुसार दो से अधिक जीवित जैविक संतान होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति जनप्रतिनिधि बनने अथवा पद पर बने रहने के लिए अयोग्य माना जाता है।
जांच के लिए गठित समिति ने स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न सरकारी अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार पहली पुत्री का जन्म 25 नवंबर 2021, दूसरी पुत्री का जन्म 26 फरवरी 2023 तथा पुत्र का जन्म 15 जुलाई 2025 को हुआ था।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में तीनों संतानों के जीवित जैविक संतान होने की पुष्टि की। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी ने कुंदन राम को जिला पंचायत सदस्य पद के लिए अनर्ह घोषित करते हुए सदस्यता समाप्त करने का आदेश जारी किया।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित पक्ष आदेश प्राप्त होने की तिथि से एक माह के भीतर मंडलायुक्त कुमाऊं के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकता है।
