सोरगढ़ किले की बदहाल व्यवस्था पर डीएम नाराज, पर्यटन विभाग को दिए सुधार के निर्देश
पिथौरागढ़, 10 जून। पिथौरागढ़ के ऐतिहासिक सोरगढ़ किले, जिसे लंदन फोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को जिलाधिकारी ने किले का औचक निरीक्षण किया और वहां की सफाई व्यवस्था व मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान किले परिसर में गंदगी, अव्यवस्थित रखरखाव और पर्यटकों के लिए सुविधाओं की कमी सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित पर्यटन अधिकारी को फटकार लगाते हुए व्यवस्थाओं को जल्द सुधारने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने किले परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाने, पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने, महत्वपूर्ण स्थानों पर सूचना और दिशा-सूचक बोर्ड लगाने तथा पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों की स्वच्छता और बेहतर रखरखाव किसी भी जिले की सकारात्मक छवि के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पर्यटन स्थलों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी और समय पर सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
सोरगढ़ किले के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने जिला सूचना कार्यालय का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर की व्यवस्थाएं देखीं और पुस्तकालय में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की। छात्रों ने पुस्तकालय में पर्याप्त फर्नीचर न होने की समस्या जिलाधिकारी के सामने रखी।
विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जल्द नई और सुविधाजनक कुर्सियां व आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अध्ययन माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जिला सूचना कार्यालय में साफ-सफाई बनाए रखने, अभिलेखों को अपडेट रखने और कार्यालय के कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के निर्देश भी दिए।
डीएम आशीष भटगांई ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, जनसुविधा से जुड़े संस्थानों और पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, गुणवत्ता और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का तय समय में पालन किया जाए।
