डीएम मनीष कुमार की पहल से जीआईसी तालियाबांझ में दूर हुई शिक्षकों की कमी, DMFT मद से तैनात किए गए तीन अध्यापक

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अमीषा भट्ट

चंपावत 13 अगस्त 2026, सूवि।

*मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’ संकल्प को मिल रही गति*

*मा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था होगी सुदृढ़: जीआईसी तालियाबांझ में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों पर जिलाधिकारी मनीष कुमार का त्वरित संज्ञान, खनन न्यास मद से तीन अध्यापकों की तैनाती*

प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में छात्र-छात्राओं को निर्विघ्न, सुचारू एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के क्रम में जिला प्रशासन संकल्पित होकर कार्य कर रहा है।

इसी क्रम में राजकीय इंटर कॉलेज तालियाबांझ में प्रवक्ताओं के पद रिक्त होने के कारण विद्यार्थियों के अध्ययन में आ रही बाधा का जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा त्वरित संज्ञान लिया गया है।

मा0 मुख्यमंत्री जी के स्पष्ट निर्देशों का अनुपालन करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और शैक्षणिक हित को सर्वोपरि रखते हुए जिलाधिकारी ने विद्यालय में वैकल्पिक शिक्षण व्यवस्था को तत्काल सुदृढ़ करने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह ने बताया कि राजकीय इंटर कॉलेज तालियाबांझ का उच्चीकरण इसी चालू सत्र में संपन्न हुआ है। विद्यालय में प्रवक्ताओं के स्वीकृत एवं रिक्त पदों के सापेक्ष नियमानुसार स्थायी तैनाती हेतु आवश्यक अधियाचन व सूचना माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को प्रेषित की जा चुकी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थायी व्यवस्था होने तक छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वर्तमान में एलटी संवर्ग के अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से पठन-पाठन का कार्य कराया जा रहा है। इसके साथ ही शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक मजबूती देने के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की विशेष पहल पर जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMFT) मद से तत्काल प्रभाव से तीन अतिरिक्त अध्यापकों की व्यवस्था कर दी गई है।जिला प्रशासन के इस संवेदनशीलता से परिपूर्ण एवं त्वरित कदम से विद्यालय में अध्यापन कार्य पूरी तरह सुचारू हो गया है।

जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शासन स्तर से स्थायी पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या व्यवधान उत्पन्न न होने दिया जाए।

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