उत्तराखंड में जनगणना के शुरुआती आंकड़े, आबादी और परिवारों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान
उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के बाद आबादी में करीब 28 लाख, भवनों में 12 लाख और परिवारों में लगभग आठ लाख की बढ़ोतरी का अनुमान सामने आया है।
देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण से जुड़े शुरुआती आंकड़ों ने राज्य में आबादी, परिवारों और भवनों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। मकान सूचीकरण और मकान गणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो प्रारंभिक स्थिति सामने आई है, उसके अनुसार प्रदेश की आबादी में वर्ष 2011 के मुकाबले करीब 28 लाख की वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है।
वर्ष 2011 की जनगणना में उत्तराखंड की कुल आबादी लगभग 1 करोड़ 86 हजार दर्ज की गई थी। इस बार पहले चरण के दौरान जनगणना टीमों की पहुंच करीब 1 करोड़ 28 लाख लोगों तक बताई जा रही है। हालांकि ये आंकड़े प्रारंभिक हैं और अंतिम आधिकारिक आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे।
भवनों की संख्या में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछली जनगणना के दौरान प्रदेश में 33 लाख 83 हजार से अधिक भवनों का सूचीकरण किया गया था। इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 45 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यानी राज्य में भवनों की संख्या में करीब 12 लाख की बढ़ोतरी दिखाई दे रही है।
परिवारों की संख्या में भी इजाफा सामने आया है। वर्ष 2011 में प्रदेश में करीब 19 लाख 97 हजार परिवार दर्ज किए गए थे, जबकि इस बार यह संख्या बढ़कर लगभग 28 लाख 30 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। इस तरह उत्तराखंड में परिवारों की संख्या में करीब आठ लाख से अधिक की वृद्धि होने की संभावना है।
जनगणना के पहले चरण के इन आंकड़ों से साफ संकेत मिलता है कि पिछले 15 वर्षों में राज्य में आबादी, आवासीय ढांचे और परिवारों की संख्या में तेजी से बदलाव हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद सरकार को विकास योजनाओं, शहरीकरण, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और मूलभूत सुविधाओं की योजना बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
फिलहाल जनगणना से जुड़े ये आंकड़े प्रारंभिक स्तर पर सामने आए हैं। आधिकारिक और अंतिम रिपोर्ट जारी होने के बाद राज्य की वास्तविक जनसंख्या, परिवारों और भवनों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
