जापानी प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में सेवायोजन कार्यालय और दून विश्वविद्यालय का किया दौरा
अमीषा भट्ट
उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार के खुले नए द्वार
जापान में आईटी, हॉस्पिटैलिटी, इंजीनियरिंग और केयरगिविंग क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं देहरादून, 22 जुलाई। उत्तराखंड के युवाओं को विदेशों में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की राज्य सरकार की मुहिम अब तेजी से आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जापान और उत्तराखंड के बीच कौशल विकास, जापानी भाषा प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय रोजगार सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।इसी क्रम में जापान की अनाडुकी ग्लोबल करियर कंपनी लिमिटेड का प्रतिनिधिमंडल देहरादून पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में हिदेतारो उसुई, माई इकुता और मिहोको मात्सुमोतो शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने सर्वे चौक स्थित क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय और दून विश्वविद्यालय का भ्रमण कर राज्य सरकार की ओर से युवाओं को दिए जा रहे भाषा एवं कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जायजा लिया।जापानी भाषा सीख रहे युवाओं से किया संवादक्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में जापानी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जापानी भाषा का प्रशिक्षण ले रहे अभ्यर्थियों से संवाद किया।

प्रतिनिधियों ने युवाओं की जापानी भाषा, तकनीकी दक्षता और रोजगार की तैयारियों की जानकारी ली।इस दौरान युवाओं को जापानी भाषा के सही उच्चारण, व्यावहारिक संवाद, कॉरपोरेट एथिक्स और जापान की कार्य संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जापान में इस समय आईटी, हॉस्पिटैलिटी, इंजीनियरिंग और केयरगिविंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुशल और जापानी भाषा का ज्ञान रखने वाले युवाओं की मांग है।
भाषा के साथ वर्क कल्चर की समझ भी जरूरी’जापानी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जापान में रोजगार के लिए केवल भाषा का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां की कार्य संस्कृति, सामाजिक व्यवहार, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी बेहद जरूरी है। उन्होंने युवाओं को जापानी कार्य संस्कृति और व्यावसायिक व्यवहार की बारीकियों से अवगत कराया।निदेशक सेवायोजन नरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को वैश्विक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के माध्यम से युवाओं को विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण के साथ अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति और रोजगार से जुड़े आवश्यक कौशल भी प्रदान किए जा रहे हैं।दून विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सहयोग पर चर्चाजापानी प्रतिनिधिमंडल ने दून विश्वविद्यालय में जापानी भाषा विभाग के प्राध्यापकों और प्लेसमेंट प्रभारियों के साथ बैठक की।
बैठक में जापानी भाषा शिक्षा को और अधिक प्रभावी एवं रोजगारोन्मुख बनाने, शैक्षणिक सहयोग बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के लिए जापान में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों का विस्तार करने पर चर्चा हुई।दोनों पक्षों ने भविष्य में शैक्षणिक और कौशल विकास से जुड़े सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भाषा प्रशिक्षण को रोजगार की आवश्यकताओं से जोड़कर उत्तराखंड के युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को देश के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जापान सहित विभिन्न देशों के साथ बढ़ता सहयोग उत्तराखंड के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार और नए करियर अवसरों के द्वार खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि जापानी प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है। भविष्य में भाषा, कौशल और शैक्षणिक प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाकर युवाओं को वैश्विक रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।इस अवसर पर उपनिदेशक चंद्रकांता, नोडल अधिकारी विनीता बड़ोनी, Learnet Skills के स्टेट हेड रमेश पेटवाल, दून विश्वविद्यालय की जापानी भाषा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपिका भाटिया, प्लेसमेंट सेल प्रभारी डॉ. स्वाति बिष्ट सहित अन्य अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
